शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी तीन नगर निगम चुनावों में मिली हार के कारण खंगालेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने फैक्ट फाइंडिग कमेटी गठित की है। कमेटी मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम चुनाव में मिली हार की समीक्षा करेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के निर्देश पर यह कमेटी गठित हुई है। हर कमेटी में चार सदस्य है, जिनमें एक समन्वयक व तीन-तीन सदस्य हैं।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) विनोद जिंटा की ओर से जारी आदेश के अनुसार कमेटियां चुनाव नतीजों से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करेंगी। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व से बातचीत करेंगी और परिणामों को प्रभावित करने वाले कारणों की पहचान करेंगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को एक सप्ताह के भीतर सौंपेंगी।
किस कमेटी में किसको जिम्मेदारी
धर्मशाला नगर निगम
धर्मशाला नगर निगम के लिए गठित कमेटी में कर्ण सिंह पठानिया को संयोजक बनाया गया है, जबकि अमित भारद्वाज, यशवंत खन्ना और मनमोहन कटोच को सदस्य नियुक्त किया गया है।
मंडी नगर निगम
मंडी नगर निगम के लिए चेत राम ठाकुर को संयोजक बनाया गया है। समिति में पवन ठाकुर, हरिकृष्ण हिमराल और सत्यजीत नेगी को सदस्य रखा गया है।
सोलन नगर निगम
सोलन नगर निगम की समीक्षा के लिए अमित नंदा को संयोजक बनाया गया है। कमेटी में चंद्र शेखर शर्मा, यशपाल टांक और धर्मेंद्र धामी को सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
एक ही निगम जीती थी कांग्रेस
हिमाचल में चार नगर निगम धर्मशाला, मंडी, सोलन व पालमपुर में चुनाव हुए थे। चार में से कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में ही जीत पाई थी।
कहां क्या थे नतीजे
मंडी में कांग्रेस की केवल एक ही सीट मिली थी जबकि भाजपा को 12 सीटें मिली थी और एक सीट निर्दलीय के खाते में आई थी। सोलन नगर निगम में भाजपा की दस सीटें थी जबकि कांग्रेस की 6 सीटें थी। एक निर्दलीय के खाते में आई थी। धर्मशाला नगर निगम में भाजपा की 11 सीटें थी। कांग्रेस की पांच व एक निर्दलीय के हिस्से आई थी। पालमपुर में भाजपा की चार सीटें थी जबकि कांग्रेस 11 सीटों पर जीती थी।
कांग्रेस का तर्क
नगर निगम चुनाव ही पार्टी चुनाव चिन्ह पर हुए हैं। इसलिए अभी इनकी समीक्षा की जा रही है। पार्टी शहरी निकाय व जिला परिषद चुनाव में सामने आई खामियों की समीक्षा भी करेगी। जिला व ब्लाक कमेटियों से भी रिपोर्ट मांगी जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चयन होना है और इसके निपटने के बाद कांग्रेस पार्टी अपने सभी जिलाध्यक्षों व ब्लाक अध्यक्षों से फीडबैक लेगी। कांग्रेस ने इन सभी को अपने-अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट बनाने को कह दिया है।
