शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता के बाद अब मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी जनगणना-2027 के स्व-गणना अभियान में भाग लिया है। मंगलवार को सीएम ने पोर्टल पर परिवार की जनसंख्या संबंधी जानकारी दर्ज की और प्रदेशवासियों से 15 जून तक यह काम पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है, इससे ही तय होता है कि नल, सड़क, राशन और स्कूल कहां बनेंगे।
शिमला स्थित मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर में जनगणना निदेशक दीप शिखा शर्मा और विभाग के अफसरों ने सीएम को डिजिटल प्रक्रिया समझाई। मोबाइल फोन पर फार्म भरते हुए सुक्खू ने पोर्टल की खूबियां जानीं और कहा कि अब कागज का झंझट नहीं रहेगा।
दो चरण में चलेगा अभियान
उन्होंने बताया कि हिमाचल में जनगणना-2027 दो हिस्सों में होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और आवास जनगणना होगी। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा।
दुर्गम इलाकों में अलग शेड्यूल
बर्फबारी वाले दुर्गम इलाकों में 11 से 30 सितंबर 2026 तक और बाकी क्षेत्रों में नौ से 28 फरवरी 2027 तक गिनती होगी।
गलत जानकारी दी तो गलत दिशा में जाएगी योजना
सुक्खू ने कहा कि जनगणना से ही पता चलता है कि कितने परिवार हैं, कितने घर पक्के हैं, पानी-बिजली कितनों तक पहुंची है। इन्हीं आंकड़ों पर राशन कार्ड, आयुष्मान, आवास योजना और सड़क प्रोजेक्ट बनते हैं। अगर जानकारी गलत दी तो योजना भी गलत दिशा में चली जाएगी।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल, देहरा विधायक कमलेश ठाकुर और सीएम के सचिव आशीष सिंहमार भी मौजूद रहे।
