चंडीगढ़। हरियाणा सरकार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच हुए समझौते के बाद कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। गांवों में काम करे वाले करीब साढ़े 11 हजार सफाई कर्मियों को पक्का करने का भरोसा राज्य सरकार की ओर से दिलाया गया है।
हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्रियों कृष्ण कुमार बेदी और कृष्ण पंवार की ओर से कहा गया कि 31 दिसंबर 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा कर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा। हाई कोर्ट में 41 पिटिशनर ने याचिका दायर की थी और हाई कोर्ट का फैसला राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में है।
राज्य के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 15 मई से पूरे प्रदेश में हड़ताल पर थे। समझौता वार्ता के बाद उनकी हड़ताल खत्म हो गई है। बैठक में सहमति बनी की कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की 26 हजार वेतन देने की प्रक्रिया इसी बार से आरंभ कर दी जाएगी।
इसमें प्रतिवर्ष 2100 रुपये की बढ़ोतरी होगी। एक जनवरी 2026 से सफाई कर्मचारियों को 16 हजार 100 रुपये मासिक की बजाय 18 हजार 200 रुपये बढ़ोतरी के साथ दिए जाएंगे। बढ़ती महंगाई भत्ते को तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी के तहत लागू करने की मांग पर सरकार की ओर से कहा गया कि अभी 12% दिया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की मांग को सरकार और यूनियन की सहमति से लागू किया जाएगा।
बैठक में तय हुआ कि पालिसी बनाकर विधानसभा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। पांच से छह गांवों का एक जोन बनाकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त करने की मांग और कर्मचारियों का हाजरी रिकार्ड दुरुस्त करने पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया।
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सात तारीख से पहले कर दिया जाएगा। यदि इससे देरी होती है तो एक माह देरी पर 500 रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। 10 अक्टूबर से 30 नवंबर 2023 में हुई राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान का बकाया मानदेय देने पर भी सरकार ने सहमति जताई है।
ग्रामीण सफाई कर्मियों की रिटायरमेंट की आयु 60 साल होगी
बैठक में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये सहायता राशि तथा ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग पर हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र निर्धारित नहीं है। ऐसे में सरकार पहले उम्र निर्धारित करेगी।
यह 60 साल किए जाने की संभावना है। 400 घरों की आबादी पर एक कर्मचारी नियुक्त करने की मांग को लेकर सरकार ने कहा कि इस बार की जनगणना रिपोर्ट के आधार पर इसे लागू किया जाएगा। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के ईपीएफ ओर ईएसआइ में कवर होने की वेतन सीमा को बढ़ाकर 27 हजार करने की मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने पर सहमति बनी है।
कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार के सदस्य को नौकरी
बैठक में तय हुआ कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर ईपीएफ बोर्ड से मिलने वाले लाभ के लिए कागजी कार्यवाही बीडीपीओ कार्यालय की तरफ से की जाए, इस पर एक माह के भीतर फैसला लेना तय हुआ। ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को एक्सग्रेशिया के तहत नौकरी दी जाएगी।
जोखिम भत्ते के लिए सरकार हर ग्रामीण सफाई कर्मचारी का सरकारी बैंक में इंश्योरेंस करवाएगी, जिसका उम्र के साथ प्रीमियम सरकार खुद भरेगी। जिला स्तर पर बनने वाली कमेटियों में केवल सफाई कर्मचारी को जोड़ा जाएगा और उसी यूनियन को अप्रूव्ड किया जाएगा जो लेबर डिपार्टमेंट से अप्रूव्ड होगी।
ब्लॉक अथवा चुनावी कार्य के लिए मिलेंगे भत्ते
बैठक में गांव से बाहर ब्लाक अथवा चुनावी कार्य के लिए काम लेने की स्थिति में टीए-डीए समेत अन्य भत्ते देने का रूल बनेगा। सफाई कर्मचारियों को दीवाली पर बोनस दिया जाएगा और अनाज खरीदने के लिए बिना ब्याज के 24 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करते हुए दो हजार रुपये मासिक वसूली का प्रविधान रहेगा।
