पंजाब में 65 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भगवंत मान सरकार ने बहुत बड़ा ऐलान किया है। शनिवार को सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया है कि नौकरी में ठेकेदारी सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा और आगे से सीधे सरकार ही नौकरी देगी। पंजाब विधानसभा में इसके संबंध में बिल लाया जाएगा। इस फैसले से पंजाब के 65 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी बड़ी राहत पाएंगे और लाभ हासिल करेंगे। सीएम मान ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया जाएगा। उनके बीच कोई एजेंसी या कोई ठेकेदार नहीं होगा।
2 कैटेगरी में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में आएंगे कर्मचारी
सीएम भगवंत मान ने प्रेस वार्ता करते हुए विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है। सीएम मान ने बताया कि पंजाब के 51 सरकारी विभागों से संबन्धित 65,048 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह एक एतिहासिक फैसला है और वो इस लाभ के दायरे में आएंगे। आउटसोर्स कर्मचारियों की 2 कैटेगरी रखी गई हैं। पहली ‘गैर-जोखिम कैटेगरी’ और दूसरी ‘जोखिम कैटेगरी’। सीएम मान ने कहा कि ‘गैर-जोखिम कैटेगरी’ वाले वो आउटसोर्स कर्मचारी सीधे सरकार के कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होंगे, जिन्होंने 5 साल की सेवा पूरी कर ली है। उन कर्मचारियों को सीधे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट पर लिया जाएगा।
वहीं जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों को इस समयसीमा में छूट दी गई है। सीएम मान के अनुसार, जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारी 5 साल की बजाय सिर्फ 3 साल की सेवा पूरी कर लेने पर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किए जाएँगे। सीएम ने जानकारी दी कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने और ऑर्डिनेंस पास होने के बाद सरकार के इस फैसले से 26,400 कर्मचारियों को तुरंत फायदा मिलेगा। वे सीधे सरकार के अधीन आ जाएंगे। बाक़ी को समय अनुसार सीनियोरिटी के हिसाब से आउटसोर्सिंग से हटाकर सरकार के कॉन्ट्रैक्ट पर लाया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि सरकार के कॉन्ट्रैक्ट पर आने वाले आउटसोर्स कर्मचारी बाद में सरकार के नियम के हिसाब से रेगुलर भी होंगे।
नहीं हो सकेगा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण
सीएम मान ने कहा कि नौकरी में ठेकेदारी सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म करने की मंज़ूरी से आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रुकेगा। अब कोई बिचौलिया या कॉन्ट्रैक्टर नहीं होगा, जो उनसे कमीशन ले पाये। उनसे ज्यादा सैलरी पर साइन कराकर कम सैलरी दे और काम ज्यादा कराये। सीएम ने कहा कि अब हर कर्मचारी को सीधे सरकार नौकरी देगी और कर्मचारियों की तय कमाई सीधे उनके बैंक अकाउंट में आएगी। कोई उनकी मेहनत की सैलरी पर डाका नहीं डाल पाएगा। सीएम ने बताया कि वह जब जनसभाओं में जाते थे तो बहुत से नौजवान युवक और युवतियां उनसे ठेकेदारी सिस्टम से उन्हें निकालने और सरकार के कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की मांग करते थे।
सारी सरकारी सविधाएं और सहूलियतें मिलेंगी
सीएम भगवंत मान ने बताया कि सरकार के कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किए जाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सारी सविधाएं और सहूलियतें मिलेंगी। उन्हें भी कैलेंडर अनुसार तय सरकारी छुट्टियां दी जाएंगी। कर्मचारियों को PF, ESI, ग्रेच्युटी समेत सभी कानूनी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही उन पर वो सारे सरकारी नियम लागू होंगे, जो सरकारी कर्मचारियों पर लागू होते हैं। किसी भी कर्मचारी को बिना लिखित कारण और सुनवाई का अवसर दिए नहीं हटाया जा सकेगा। मसलन मान सरकार का आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अब तक का यह सबसे बड़ा रोजगार और कर्मचारी कल्याण सुधार कदम है।
वहीं सीएम मान ने जानकारी दी है कि पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनर्स के एरियर और DA के मामलों को सुलझाने के लिए एक स्पेशल कैबिनेट सब-कमेटी भी बनाई गई है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के मामलों को तेज़ी से निपटाने के लिए पंजाब में 7 नए स्पेशल कोर्ट बनाने की भी मंज़ूरी दी गई है। सीएम मान ने कहा कि आम लोगों और कर्मचारियों का हक़ मारने के दिन अब खत्म हो गए हैं। ‘आपकी सरकार’ पंजाब के हर वर्ग की भलाई और उनके सुनहरे भविष्य के लिए पूरी तरह से कमिटेड है.
