चंडीगढ़। हरियाणा BJP में नेतृत्व बदलाव के बाद भी एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है – पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली। पार्टी ने भले ही ‘मिशन 2029’ के लिए महिला चेहरे को कमान सौंपी हो, लेकिन कार्यकर्ता से लेकर संगठन तक बड़ौली के 2 साल 19 दिन के कार्यकाल को BJP का ‘गोल्डन पीरियड’ बता रहे हैं।
कैसे बनी ‘विनिंग जोड़ी’
मार्च 2024 में BJP ने बड़ा सियासी दांव चला। नायब सिंह सैनी को प्रदेश अध्यक्ष से हटाकर मुख्यमंत्री बनाया गया और संगठन की कमान राई के विधायक मोहनलाल बड़ौली को सौंपी गई। ‘सैनी सरकार, बड़ौली संगठन’ – इस तालमेल ने 10 साल की एंटी-इनकंबेंसी के बीच हरियाणा की सियासत बदल दी।
एग्जिट पोल हुए फेल*
10 साल की सरकार, किसान आंदोलन की नाराजगी और जाट वोट की बेरुखी के बीच सभी एग्जिट पोल BJP की हार दिखा रहे थे। लेकिन बड़ौली के बूथ मैनेजमेंट और सैनी के OBC चेहरे ने मिलकर वो कर दिखाया जिसे राजनीतिक पंडित ‘चमत्कार’ कह रहे हैं।
BJP ने 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। बड़ौली ने 90 विधानसभा की 20,629 बूथों पर 1,719 ‘पन्ना प्रमुख’ तक को सक्रिय किया। हर पन्ने के 60 वोट की सीधी जिम्मेदारी तय की गई।
* शहरी हरियाणा में भगवा लहर*
विधानसभा जीत के 6 महीने बाद मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनाव में बड़ौली-सैनी जोड़ी ने इतिहास रच दिया। BJP ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, पानीपत, यमुनानगर, हिसार, अंबाला और पंचकूला में सीधी जीत दर्ज की। मानेसर में शुरू में हार के बाद उपचुनाव में जीत के साथ BJP ने 10-0 का क्लीन स्वीप किया। ये हरियाणा के शहरी निकाय इतिहास में BJP का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था।
बड़ौली का ‘साइलेंट काम’ बना मास्टरस्ट्रोक
1. टिकट बंटवारा: 90 विधानसभा में बगावत जीरो। नाराज नेताओं को बड़ौली खुद मनाने पहुंचे।
2. सोशल इंजीनियरिंग: जाट-गैर जाट के पुराने समीकरण से आगे बढ़कर SC और BC-A वोट को भी साधा।
3. ‘सैनी-बड़ौली’ ब्रांड: ‘मोदी-मनोहर’ के बाद पहली बार ग्रामीण हरियाणा में BJP कार्यकर्ता घर-घर दिखा।
अब क्यों हुई छुट्टी?
BJP सूत्रों के मुताबिक पार्टी अब ‘मिशन 2029’ और 50% महिला वोट बैंक को देखते हुए युवा और महिला चेहरे पर फोकस कर रही है। इसलिए बड़ौली को हटाकर महिला अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन संगठन मानता है कि बड़ौली ने ‘संक्रमण काल’ में पार्टी को न सिर्फ संभाला बल्कि नई ऊंचाई दी।
क्या बोले नेता
एक वरिष्ठ BJP विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “बड़ौली जी ने कभी क्रेडिट नहीं लिया। सैनी जी को CM चेहरा बनाकर खुद बैकग्राउंड में रहकर संगठन चलाया। आज हरियाणा में BJP सही मायने में कैडर बेस पार्टी बन गई है।”
केंद्र या सरकार में बड़ी भूमिका तय
BJP के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ के मुताबिक, “2029 लोकसभा को देखते हुए महिला नेतृत्व जरूरी था।”
संगठन सूत्र बताते हैं कि बड़ौली को अब दो अहम जिम्मेदारी मिल सकती हैं:
1. केंद्रीय संगठन: राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली की जिम्मेदारी।
2. हरियाणा सरकार: कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर कोई अहम विभाग या बोर्ड-निगम की कमान।
केंद्रीय चुनाव समिति में भी उन्हें जगह मिलने की चर्चा है।
बड़ौली कार्यकाल की 3 बड़ी उपलब्धि*
1. विधानसभा 2024: 48 सीट – लगातार तीसरी बार सरकार
2. नगर निगम 2025: 10 में से 10 निगमों पर कब्जा, क्लीन स्वीप
3. बूथ स्तर तक संगठन: 20,629 बूथों पर 1,719 पन्ना प्रमुख सक्रिय
कौन हैं मोहनलाल बड़ौली
जन्म: 15 अगस्त 1963, सोनीपत
शिक्षा: LLB, MDU रोहतक
राजनीति: 2000 में BJP युवा मोर्चा से शुरुआत, 2019 में राई से पहली बार विधायक
पृष्ठभूमि: RSS प्रचारक रहे, किसान परिवार से, साफ-सुथरी छवि
कार्यकाल: प्रदेश अध्यक्ष – मार्च 2024 से मई 2026, कुल 2 साल 19 दिन
