हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के सरकारी स्कूलों को देश के सबसे अच्छे संस्थानों में बदलने का वायदा किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला में नए उन्नत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है और उनका असर जल्द ही देखने को मिलेगा।
सरकारी स्कूल के शिक्षकों की काबिलियत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दौरे का मकसद छात्रों से सीधा संपर्क बनाना था ताकि शिक्षा व्यवस्था में कमियों को पहचाना जा सके और उन्हें असरदार तरीके से दूर किया जा सके। सुक्खू ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों की काबिलियत पर जोर देते हुए कहा कि वे बहुत काबिल, मेहनती हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। छात्रों ने बातचीत में अकादेमिक, खेल, शासन और करियर जैसे क्षेत्रों की प्रगति पर सवाल किए। छात्र आरव ठाकुर ने मुख्यमंत्री से स्कूल के दिनों में उनके पसंदीदा खेल के बारे में पूछा। सुक्खू ने जवाब दिया कि वह वाद-विवाद प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते थे और हॉकी, क्रिकेट और हैंडबॉल खेलते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक हैंडबॉल टीम की कप्तानी भी की थी और उन्हें ट्रेकिंग का भी शौक था। उन्होंने याद किया कि उनका पहला ट्रेक टपरी से रेकोंग पियो तक था। छात्रों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी के बारे में भी बताया, जिसमें भौतिकी के शिक्षकों की कमी और राजनीतिक विज्ञान के सिफर् एक शिक्षक के होने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को दिलाया भरोसा
मुख्यमंत्री ने छात्रों की चिंताओं का जवाब देते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि 30 जून से पहले सभी रिक्तियां भर दी जाएंगी क्योंकि संस्थान को अब सीबीएसई व्यवस्था के तहत उन्नत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रों को जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन और लगन को मुख्य सिद्धांत के तौर पर अपनाने की सलाह दी।
