शिमला। प्रदेश में इस वर्ष जून तक पालमपुर, हमीरपुर, धर्मशाला और चंबा हेलीपोर्ट में हवाई सेवाएं आरंभ कर दी जाएंगी। सरकार ने बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए हवाई सेवाएं आरंभ कर दी हैं। इससे एयर कनेक्टिविटी में सुधार आयेगा।
इसके अलावा प्रदेश सरकार प्रदेश में बड़े हेलीकाप्टर सेवाओं को आरंभ करने जा रही है। इसके लिए शिमला में ही एक अन्य स्थान पर भूमि चयन किया जा रहा है। संजौली हेलीपोर्ट में बड़ा हेलीकाप्टर उतारने में दिक्कत आ रही है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शिमला में बड़े हेलीकाप्टर की सेवाएं आरंभ करने के बारे में भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सुरंग तथा रोपवे निर्माण पर भी बल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिमला के अलावा धर्मशाला, मनाली तथा कसौली शहरों को भी नियोजित तरीके से विकसित किया जा रहा है। शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन उद्योग को विकसित करना वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में है तथा इसे बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए। जिससे यहां आने वाले पर्यटक कम से कम 8 से 10 दिन तक ठहराव करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हाई एंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न भागों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाया है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 3500 करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है तथा इस वर्ष जून तक भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाएगा। इसके पश्चात् कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भुंतर एयरपोर्ट के पास रहने वाले लोग जमीन दें तो सरकार इस एयरपोर्ट के विस्तार पर भी विचार कर सकती है।
जोगिंद्रनगर से भू-भूजोत टनल बनाई जाएगी
उन्होंने कहा कि कुल्लू, मनाली तथा लाहौल-स्पीति के लिए इस एयरपोर्ट से पर्यटकों की सुविधा के लिए जोगिंद्रनगर से भू-भूजोत टनल बनाई जाएगी। वर्तमान सरकार टूरिज्म क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है तथा सरकार ने धर्मशाला के तपोवन में 5000 लोगों की क्षमता वाले 500 करोड़ रुपये के विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा कांगड़ा जिले में 600 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिडिय़ाघर भी स्थापित किया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष के दौरान नैना देवी, ज्वालाजी तथा चिंतपूर्णी शक्तिपीठों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि शिमला के आईस स्केटिंग रिंक के पास की जमीन का अधिग्रहण किया जाए ताकि यहां अन्तरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर निर्मित किया जा सके।
सरकार निवेश कर रही तीन हजार करोड़
सरकार होटल, वेलनेस सेंटर, वे-साइड एमनिटीज के निर्माण पर 3000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और राज्य में स्पोर्टस टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार मनाली में रिवर फ्रंट बना रही है तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
जीएसटी से टैक्स में हुआ नुकसान
उन्होंने कहा कि जीएसटी लगने के बाद प्रदेश सरकार को बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र से टैक्स के रूप में काफी नुकसान हुआ है तथा केवल 150 से 200 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो रहे है, जबकि इससे पूर्व टैक्स के रूप में 4000 करोड़ रुपये मिलते थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र इसकी भरपाई के लिए अह्म भूमिका निभा सकता है।
