लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांव, ग्रामीणों की मदद पर फोकस किया है। तहसील दिवसों की दर्ज पर अब प्रत्येक विकास खंडों ( ब्लाक) में साप्ताहिक चौपाल लगाने का निर्णय लिया है। इसमें राजस्व वाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और पुलिस की शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। वंचित रह गये लोगों को लाभार्थी योजनाओं का लाभ दिलाया जायेगा।
चौपाल में जिला स्तरीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति अनिवार्य कर दी गयी है। इसके लिए शासन जल्द ही विस्तृत कार्य योजना जारी करेगा। रविवार की शाम पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर कानून व्यवस्था और त्योहारी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिये।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सावर्जनिक स्थानों पर कुर्बानी नहीं होने दी जाये। प्रतिबंधित पशुओं पर जीरो टालरेंस की नीति पर अमल किया जाये। परंपरागत स्थानों पर नमाज की अनुमति रहे, लेकिन किसी भी दशा में सड़क जाम नहीं होनी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान चलाकर अवैध स्लाटर हाउस बंद कराये जायें। खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सख्ती की जाये। कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की ठोस और बेहतर व्यवस्था करायी जाये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर, संभल जैसे संवेदनशील जिलों में त्योहार से पहले पीस कमेटी के साथ संवाद किया जाये। नियमों, कानूनों की सही जानकारी दी जाये। पर्वों के दौरान बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जाये।
मुख्य मंत्री ने कहा कि आइजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।यहां दर्ज होने वाली शिकायतों का वास्तविक निस्तारण किया जाये। गंगा दशहरा पर घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस आदि व्यवस्था करायी जाये। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के खाली पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाये।
अवैध खनन पर अभियान चलाये
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए विशेष अभियान चला जाये, इसमें शिथिलता नहीं होनी चाहिये। इसी तरह भू-माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इनके विरुद्ध जीरो टालरेंस की नीति का अमल किया जाये। स्थानीय स्तर पर पुलिस बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कार्रवाई करे।
