चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि कृषि से होने वाली 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी परिवार को उन योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा जिनके लिए 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा निर्धारित है। यह बात उन्होंने मंगलवार को नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) के सीएम नायब सैनी कार्यों की समीक्षा बैठक में कही।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा सचिवालय में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। विभाग जल्द पीपीपी 2.0 नाम से नया लाग डाटा प्लेटफॉर्म तैयार करेगा और लोगों को पीपीपी स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। क्रिड के आयुक्त और सचिव जे गणेशन ने बताया कि कई परिवारों की आय का सत्यापन लंबित होने से उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अलग-अलग रिपोर्टों में आय संबंधी अंतर आने से सही निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर की ओर से तैयार आय रिपोर्ट को ग्राम सभा में रखा जाए और ग्राम सभा के निर्णय को अंतिम माना जाए। उन्होंने लंबित आयु सत्यापन मामलों को अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से निपटाने और लंबित मामलों को एक माह में समाप्त करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सीपीएलओ, एलसीएलओ कर्मियों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। सीएम ने इनके लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने और विभाग में कर्मियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी।
