चम्पावत जिले में स्थित प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम को हेली सेवा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर चुका क्षेत्र में लधिया नदी के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त हेलीपैड का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एम.सी. पलाड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 1.88 करोड़ रुपये की लागत से इस हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक से तैयार किए जा रहे इस हेलीपैड पर एक समय में तीन हेलीकॉप्टर उतर सकेंगे। इससे क्षेत्र में हवाई संपर्क बेहतर होगा और यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी।
हेलीपैड निर्माण परियोजना से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को तेज और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी और इससे पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
नेपाल सीमा और एनएचपीसी क्षेत्र के निकट स्थित चुका क्षेत्र में हेलीपैड बनने से सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के तहत चुका क्षेत्र को पर्यटन हब और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। हेलीपैड बनने से यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अधिशासी अभियंता एम.सी. पलाड़िया ने बताया कि हेलीपैड का निर्माण कार्य अप्रैल माह से शुरू किया गया था और अब तक लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
