लखनऊ। अपने नेताओं के विवादित बयानों ने सपा को असहज कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लगातार सचेत किए जाने के बाद भी दो दिन में आए दो बयानों ने भाजपा को आक्रामक होने का अवसर दे दिया है। जिसके बाद सपा नेतृत्व ने अधिकृत रूप से तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु अंदरखाने इसके डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू हो गई है।
सपा के हमीरपुर से सासंद अजेंद्र सिंह लोधी ने सोमवार को पार्टी के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर असंसदीय टिप्पणी की थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। भाजपाई आक्रामक होकर सपा को घेर रहे हैं। इस बीच सपा के प्रवक्ता राजकुमार भाटी की भी एक वीडियो क्लिप इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई है, जिसमें वह ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।
इस मामले को भी भाजपा ब्राह्मणों का अपमान सपा पर निशाना साध रही है। क्लिप प्रसारित होने के बाद राजकुमार भाटी ने एक्स पर वीडियो जारी कर माफी मांगी है और स्पष्टीकरण भी दिया है, परंतु मामला थमता नहीं दिख रहा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक दोनों मामलों को लेकर सपा नेतृत्व नाराज है, क्योंकि ऐसी स्थितियों से बचने के लिए ही सपा प्रमुख अपनी बैठकों आदि में कई बार पार्टी नेताओं से बयानों आदि में संयम बरतने के निर्देश दे चुके हैं। अब इन मामलों को शांत करने की रणनीति बनाई जा रही है, वहीं नेताओं को विवादित बयानबाजी से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
