हमीरपुर। हमीरपुर में नाविक के खड़े होकर मोबाइल फोन से बात करने के दौरान नाव असंतुलित होकर बुधवार को यमुना में डूब गई। दुर्घटना में नाव पर सवार पांच बच्चों समेत नौ लोग नदी की धारा में बहने लगे। नाविक ने तैरकर स्वयं को बचाया। एक किशोरी व युवक भी बाहर निकल आए। सगे भाइयों समेत अन्य छह लोग लापता हैं।
घटना की सूचना मिलने पर सदर एसडीएम अभिषेक कुमार व सीओ राजेश कमल समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। डूबे हुए लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है। इस घटना से गांव में हलचल मची हुई है और डूबने वाले घर के लोग बेहाल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव पर लाइफ जैकेट या रबड़ ट्यूब जैसे जीवन रक्षक उपकरण की कोई व्यवस्था नहीं थी। डूबे लोगों की तलाश के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) व गोताखोरों की टीम बुलाई गई है।
शादी में आए थे सभी नाव सवार
कोतुपुर पटिया गांव के श्रीपाल की बेटी की मंगलवार को शादी थी। बुधवार को बेटी की विदाई के बाद देर शाम सात बजे मनकी निवासी ब्रजरानी, नौ साल की रानी, आकांक्षा, पांच साल की लव्यांश, घाटमपुर के महेश के पांच वर्षीय पुत्र गोरेलाल व दूसरा पुत्र 11 साल के आदित्य, 20 वर्षीय रिंकू, 14 वर्षीय पारुल के साथ खरबूजा के अपने खेत पर गए थे।
नाविक फोन से कर रहा था बात
खरबूजा खाने के बाद सभी लोग वापस नाव से लौट रहे थे। वहां से रात साढ़े आठ बजे वापसी के क्रम में नाविक विष्णु ने खड़े होकर मोबाइल पर किसी से बातचीत शुरू की, इसी क्रम में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह डूब गई। इस समय नाव नदी की बीच धारा में थी। नाव पलटने के बाद नाविक विष्णु किसी तरह से तैरकर बाहर आ गया। श्रीपाल के पुत्र रिंकू और किशोरी पारुल को भी निकाल लिया गया, बाकी सभी लापता हैं। जिन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से कुरारा सीएचसी लाया गया है। जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
छह लोग अभी भी लापता
दो सगे भाइयों समेत अभी भी छह लोग लापता हैं। घटना की जानकारी होते ही गांव में हलचल मच गई और नदी किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष समेत एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्य किया जा रहा है। वहीं हालात गंभीर देखते हुए एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है।
नाविक की लापरवाही बनी हादसे का कारण
नाविक की लापरवाही के चलते यमुना नदी में मासूम बच्चों समेत ग्रामीणों से भरी नाव नदी में डूब गई। जिसमें सवार नौ लोगों में से तीन लोगों को तो निकाल लिया गया है, वहीं दो सगे भाइयों समेत छह लोग अभी भी लापता हैं। जिनकी तलाश में गोताखोरों की टीमें नदी में लगी हुई हैं।
कानपुर से बुलाई गई एसडीआरएफ की टीम
वहीं कानपुर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। इस घटना से शादी वाले घर में मातम छाया हुआ है। वहीं गांव में सन्नाटा पसर गया है और ग्रामीणों की भीड़ नदी किनारे एकत्र हो गई है। एसडीएम व सीओ समेत भारी पुलिस बल भी गांव पहुंच गया है।
रिंकू ने बताई आपबीती
थाना कुरारा के कोतुपूर गांव में उस समय हलचल मच गई। जब मासूम बच्चों व ग्रामीणों से भरी नाव यमुना नदी में डूब गई। नदी से निकलकर आए रिंकू ने बताया कि सभी लोग नदी किनारे खरबूजा खाने के लिए गए हुए थे। खरबूजा खाने के बाद गांव में महिलाओं व बच्चों समेत सभी लोग जब वापस लौट रहे थे कि तभी नाविक विष्णु के मोबाइल पर एक काल आ गई और जैसे ही वह बात करने लगा। इसी दौरान नाव डूब गई।
पूरी नाव नदी में समा गई
जब तक लोग संभल पाते पूरी नाव नदी में समा गए। जिससे नदी में चीख पुकार मच गई। घटना के बाद रिंकू, पारुल और विष्णु तो बचकर निकल आए। लेकिन दो सगे भाइयों समेत छह लोग अभी भी लापता है। जिसमें पांच बच्चे शामिल हैं। इस घटना से सभी के स्वजन बेहाल हैं। वहीं श्रीपाल के घर में भी मातम छाया हुआ है।
नदी में उतारी गईं नावें
डूबे हुए लोगों की तलाश के लिए नावें लगाई गई हैं और गोताखोरों की भी टीम लगी हुई है। वहीं डूबे हुए लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है। सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि इस घटना में नौ लोग डूबे थे, जिसमें तीन लोगों को निकाला जा चुका है, वहीं पांच बच्चों समेत छह लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि गोताखोरों की टीम लगाई गई है। एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है। नदी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं डीएम व एसपी के पहुंचने की भी सूचना है।
