शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में तूफान और भारी ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। नेरवा क्षेत्र की केदी पंचायत में तूफान ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जबकि जिला के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल को बड़ी क्षति हुई है। चौपाल उपमंडल के नेरवा क्षेत्र की केदी पंचायत में तेज आंधी-तूफान के चलते सीताराम शर्मा निवासी शुकराना के घर की छत पूरी तरह उखड़ गई।
तेज हवाओं के कारण छत के टीन दूर जा गिरे, जिससे परिवार को काफी नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा गांव के अन्य कई घरों की छतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तूफान इतना तेज था कि लोग सहम कर घरों में दुबक गए।
यहां ओलावृष्टि से सेब को नुकसान
वहीं, जिला के नारकंडा, चौपाल, रोहड़ू और टियाली क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि ने बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन क्षेत्रों में गिरे ओलों ने सेब की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। बागवानों का कहना है कि इस समय पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे फल ओलों की मार से झड़ गए या खराब हो गए हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
ओलों की मोटी परत जम गई
कई बागवानों ने बताया कि ओलावृष्टि कुछ ही मिनटों की थी, लेकिन उसका असर काफी गंभीर रहा। खेतों और बगीचों में सफेद ओलों की मोटी परत जम गई थी। इससे न केवल सेब, बल्कि अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
शिमला शहर में बारिश से मौसम सुहावना
उधर, शिमला शहर में दोपहर बाद हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया व तापमान में गिरावट भी महसूस की गई। शहर में बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
फंगल इन्फेकशन का खतरा बढ़ा
शिमला जिला में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण सेब के बगीचों में हवा में नमी बढ़ रही है। इससे बगीचों में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में बागवानों की चिंताएं बढ़ गई है। वहीं हर दिन मौसम खराब होने से ओलावृष्टि का डर भी बागवानों को सता रहा है।
