सहारनपुर: सहारनपुर में जीएसटी विभाग में तैनात एक कर अधिकारी को मेरठ विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जिसे ट्रैप कार्रवाई के दौरान उसके आवास से दबोचा गया. इस कार्रवाई के बाद से जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया है और विभागीय गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. यह कार्रवाई एक स्थानीय व्यापारी की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने अधिकारी पर लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया था.
बिल में खामियां बताकर की अवैध वसूली: पीड़ित व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी अधिकारी वाहनों की जांच के दौरान बिलों में मामूली खामियां निकालकर अनावश्यक दबाव बनाता था. व्यापारी के अनुसार, 28 मार्च 2026 को सहारनपुर बाईपास पर उसका वाहन रोककर कार्यालय में खड़ा करा लिया गया और तीन लाख रुपये के जुर्माने की धमकी दी गई. बाद में 2 अप्रैल को व्यापारी से सरकारी खाते में 1.95 लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए, जबकि इसके अतिरिक्त 1.05 लाख रुपये नकद भी वसूले गए. व्यापारी ने बताया कि भुगतान के बाद वाहन तो छोड़ दिया गया, लेकिन आरोपी अधिकारी ने ई-वे बिल में खामियां बताकर फिर से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग शुरू कर दी.
विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल: लगातार हो रहे आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर व्यापारी ने मेरठ विजिलेंस विभाग में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया. जैसे ही व्यापारी ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया. विजिलेंस प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि आरोपी दिल्ली रोड स्थित सहायक आयुक्त सचल दल द्वितीय इकाई कार्यालय में तैनात था.
मेरठ विजिलेंस ने रंगे हाथों पकड़ा: गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विजिलेंस टीम अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध वसूली रैकेट में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं. इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
