धर्मशाला। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में तीन राज्यों के जिला अध्यक्षों के सम्मेलन पहुंचे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता वीआइपी कल्चर छोड़ें। कांग्रेस पदाधिकारी छोटे-छोटे मुद्दे उठाकर आम आदमी की आवाज बनें। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से कहा कि आपके जिले में जितने भी मुद्दे हैं, उन्हें उठाने की पहल करें, इसके लिए प्रदेश कार्यकारिणी के दिशा-निर्देश का इंतजार न करें।
जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी है कि वे ब्लाक कार्यकारिणी को भी सक्रिय रखें। राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश, पंजाब व जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर संबोधित कर रहे थे।
राहुल गांधी ने शिविर में एक नेता को कुर्सी पर खड़ा करके उसके आगे तीन चार लोगों को नतमस्तक करवाकर वीआइपी संस्कृति को खत्म करने का संदेश दिया।
हर तीन माह में तीन स्तर पर होगी समीक्षा
राहुल गांधी ने शिविर में इस बात पर भी ध्यान देने को कहा कि जिलाध्यक्षों के साथ ब्लाक अध्यक्षों को जिम्मेवारियां सौंपी गई हैं और उनके संगठन हित को लेकर किए जाने वाले कार्यों की हर तीन माह में तीन स्तर पर समीक्षा होगी। इसमें समीक्षा के लिए ग्रीन, येलो व रेड जोन निर्धारित किए गए हैं।
…तो पद से हटाएंगे
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा उपरोक्त तीन जोन के आधार पर होगी और अगर संगठन हित में किए कार्यों में खरा नहीं उतर पाता है तो संगठन उसे पद से हटाएगा या फिर वह पदाधिकारी स्वयं ही अपने पद से इस्तीफा दे। अगर नेता संगठन में है तो उसे संगठन के लिए तो काम करना ही होगा।
छात्र संघ चुनाव पर चर्चा
सृजन प्रशिक्षण शिविर में छात्र संघ के चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें राहुल गांधी ने राज्य सरकार को इन चुनाव को लेकर सकारात्मक सोच के साथ कदम उठाने को कहा।
जनसेवा से प्रेरित राजनीति की ओर ध्यान
राहुल गांधी ने समाज के अंतिम पंक्ति तक के लोगों तक संगठन की पहुंच बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी राजनीति से प्रेरित सेवा नहीं, बल्कि जनसेवा से प्रेरित राजनीति की ओर ध्यान दें।
ये रहे मौजूद
सृजन प्रशिक्षण के समापन पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्नहोत्री, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा बडिंग व जम्मू कशमीर के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद सहित अन्य मौजूद रहे।
जू-जुत्सू करवाकर दिया शारीरिक फिटनेस और मानसिक अनुशासन का संदेश
सृजन शिविर में राहुल गांधी द्वारा सभी जिलाध्यक्षों को 50 मिनट तक जू-जुत्सू करवाकर दिया शारीरिक फिटनेस और मानसिक अनुशासन का संदेश भी दिया गया। बता दें कि राहुल गांधी जू-जुत्सू के खिलाड़ी हैं। वे एक प्रशिक्षित मार्शल आर्टिस्ट हैं और इसमें ब्लू बेल्ट हैं। जू-जुत्सू एक जापानी मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा तकनीक है, जिसका अर्थ कोमल कला या लचीली कला है। यह प्रतिद्वंद्वी की ताकत का उपयोग उनके ही खिलाफ करके उन्हें हराने पर केंद्रित है। इसमें पकड़, फेंकने, जोड़ लाक और सबमिशन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो शारीरिक फिटनेस और मानसिक अनुशासन के लिए लोकप्रिय है।
सभी 61 जिलाध्यक्षों के स्वजन के साथ खिंचवाई फोटो
राहुल गांधी ने सृजन शिविर में भाग लेने वाले तीन राजों के 61 जिलाध्यक्षों के स्वजनों के साथ फोटो भी खिंचवाई। प्रत्येक जिलाध्यक्ष व उसके स्वजनों के साथ फोटो करवाकर उन्होने जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने का संदेश सभी जिलाध्यक्षों को दिया।
जिलाध्यक्ष से ही बनेगा अब भविष्य में पीसीसी अध्यक्ष
राहुल गांधी ने कहा कि अब भविष्य में जिलाध्यक्ष से ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसमें उसकी कार्यप्रणाली को भी देखा जाएगा। पीसीसी अध्यक्ष के अतिरिक्त लोकसभा या राज्यसभा व विधायक के लिए भी जिलाध्यक्षों की कार्यप्रणाली को देखकर उनका चयन होगा। जिला उदाहरण राज्य सभा सांसद व जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अनुराग शर्मा हैं।
चंबा जिलाध्यक्ष ने भेंट की मणिमहेश की तस्वीर
राहुल गांधी को चंबा जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी द्वारा मणिमहेश की तस्वीर स्मृति स्वरुप भेंट की गई। उन्होने राहुल गांधी को भरमौर त्रासदी के बारे में भी अवगत करवाया। भरमौरी द्वारा राहुल गांधी को मणिमहेश यात्रा के लिए निमंत्रण दिया गया, जिसे राहुल गांधी द्वारा स्वीकार किया गया।
