यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने कहा, चार मई को बंगाल का रिजल्ट आने के बाद टीमएसी के गुंडो को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि ममता दीदी ने सीएए का विरोध इसलिए किया, क्योंकि उन्हें चिंता थी कि अगर हिंदुओं की संख्या बढ़ गयी तो सड़कों पर इफ्तार कैसे होगा? बंगाल में अराजकता के लिए तृणमूल को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्टी लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखती।
उन्होंने कहा, मतदान के पहले चरण के दौरान इन लोगों ने भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों पर हमला किया। हर किसी ने उनकी गुंडागर्दी देखी है। लेकिन जब चार मई को परिणाम आएंगे तो तृणमूल के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। बंगाल अब अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। यह समय बंगाल को लूट के उस कलंक से मुक्त करने का है, जिसे कांग्रेस, कम्युनिस्टों और तृणमूल ने इसके माथे पर लगाया है। बंगाल की जनता ने डबल-इंजन सरकार चुनने का फैसला कर लिया है, जो दोगुनी गति से काम करेगी।
पहले चरण की 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान की योगी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नवद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी ने पहले चरण की 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर मतदाता ने बंगाल को आतंक, माफिया राज और भ्रष्टाचार से मुक्त करने, इसे भारत की पहचान के प्रतीक के रूप में फिर से स्थापित करने और भाजपा की डबल-इंजन सरकार लाने की आवश्यकता महसूस की है।
बंगाल में तृणमूल सरकार ने पैदा किया आतंक और माफिया राज
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 500 साल पहले चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्ण, हरे राम… की मधुर धुन से दुनिया को आकर्षित कर वैश्विक मंच पर भारत की सनातन ध्वजा स्थापित करने का जो कार्य किया था, वही कार्य आज इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, यह संकट तृणमूल सरकार ने पैदा की है, जो आतंक, माफिया राज और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गयी है। भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की बेरहमी से हत्या कर दी गयी और तृणमूल के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल पर जमीन, रेत और पशु माफियाओं का कब्जा है। दिल्ली से भेजा गया पैसा तृणमूल के गुंडे हड़प लेते हैं, लेकिन अब बंगाल जाग चुका है। ‘कट मनी’ और अराजकता का यह खेल अब यहीं खत्म होगा।
