देहरादून। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अपनी पुस्तक पहलगाम… जब समय थम गया की प्रति भेंट की।
यह पुस्तक पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर हमले की पहली बरसी पर जनता के बीच आई है। पुस्तक लेखक के निजी अनुभवों पर आधारित है, क्योंकि घटना के दिन 22 अप्रैल 2025 को वह अपने परिवार सहित पहलगाम में मौजूद थे।
चौहान ने बताया कि पुस्तक में उस दिन के भयावह माहौल, घटनाक्रम और प्रत्यक्ष अनुभवों को विस्तार से शामिल किया गया है। साथ ही पुस्तक के अंतिम हिस्से में ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उन्होंने हमले में मारे गए पर्यटकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस प्रकार दुनिया को अपनी ताकत दिखाई, वह ऐतिहासिक और निर्णायक कदम था।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं देश को एकजुट करती हैं और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति को और मजबूत बनाती हैं।
