हरदोई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं हो पाएंगे। 26 मई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को होगा। पहले मतदाता सूची का प्रकाशन 22 अप्रैल को होना था, लेकिन प्रदेश में 1.26 करोड़ मतदाताओं के नामों ने पेच फंसा दिया।
आयोग के अनुसार इन मतदाताओं के नाम कई बार सूची में चढ़ गए हैं, जिससे 4.68 करोड़ मतदाताओं की संख्या अधिक हो गई है। आयोग का मानना है कि अकेले अवध क्षेत्र में कुल 97.50 लाख नामों के दोहराव की आशंका है। 26.20 लाख नामों का दोहराव कई बार हुआ है।
इन नामों का सत्यापन अतिआवश्यक है, इन्हें हटाकर पंचायत सूची के लिए मतदाता सूची को शुद्ध किया जाएगा। आयोग ने 23 दिसंबर, 2025 को अनंतिम मतदाता सूची जारी की थी। अंतिम मतदाता सूची जारी करने के लिए 15 जनवरी की तिथि घोषित की गई थी।
इसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तिथि बदलते हुए पहले छह फरवरी, 28 मार्च, 15 अप्रैल और फिर 22 अप्रैल की गई थी। अब राज्य निर्वाचन आयोग ने तीसरी बार डुप्लीकेट नामों के सत्यापन का आदेश दिया है। मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत पहले चरण में बीएलओ ने घर-घर जाकर नाम जोड़ने और हटाने का कार्य किया।
इसके बाद दिसंबर में ब्लॉक स्तर पर संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जारी कर सत्यापन कराया गया। आगे जिला स्तर पर भी सूची जारी हुई, जिनका सत्यापन पूरा कर 22 अप्रैल को अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित था, लेकिन बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट नाम सामने आ गए।
आयोग को आशंका कि सूची में लगभग तीन करोड़ मतदाता अतिरिक्त रूप से जोड़ दिए गए हैं।राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने जारी आदेश में कहा कि सत्यापन के बाद भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनके नाम, पिता या पति का नाम और अन्य विवरण पूरी तरह समान हैं।
आयोग ने इसे गंभीर स्थिति मानते हुए डुप्लीकेट मतदाताओं के फिर से सत्यापन के निर्देश दिए हैं। नई समयसारिणी के अनुसार 21 अप्रैल से 28 मई तक आधार से मिलान करते हुए पुनः सत्यापन होगा। इसके बाद 29 मई से 9 जून तक डाटा का कंप्यूटरीकरण और मतदान केंद्रों की मैपिंग की जाएगी, जबकि 10 जून को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अभय श्रीवास्तव ने कहा कि आयोग के निर्देशानुसार संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन निर्धारित समय में पूरा कर सूची आयोग को भेज दी जाएगी।
क्या हैं डुप्लीकेट मतदाता
मतदाता सूची में संभावित डुप्लीकेट मतदाता वे हैं जिनके एक ही नाम और पिता के नाम व पहचान कई-कई ग्राम पंचायतों में दर्ज है। एक नाम के जितने मतदाता हैं और उनके कितनी बार नाम दर्ज है। उस संख्या को आयोग ने संभावित डुप्लीकेट माना है।
आरक्षण की प्रक्रिया भी शेष, प्रशासकों को बैठाने की तैयारी
संवाददाता के अनुसार 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन आरक्षण प्रक्रिया भी शेष है। ऐसे में निर्धारित समय पर चुनाव संभव नहीं है। हालांकि पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर समय से ही चुनाव कराए जाने का दावा करते रहे हैं। ऐसे में प्रशासकों को पंचायतों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने पर सरकार के स्तर पर कोई चर्चा नहीं हो रही है, जिसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि पंचायतों में सरकार प्रशासक तैनात करेगी।
हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई
पंचायत चुनाव कराने की तिथियों को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई चल रही है। न्यायालय ने आयोग से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने समय पर पंचायत चुनाव कराना आवश्यक माना था।
