उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का आज रविवार, 19 अप्रैल को विधिवत शुभारंभ हो गया है. हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माने जाने वाले अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इसी के साथ देवभूमि उत्तराखंड में अगले छह माह तक चलने वाले इस महाकुंभ का आगाज हो गया है, जिसमें देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.
पुष्प वर्षा के साथ मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
यात्रा का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में दीप प्रज्वलित कर किया. मुख्यमंत्री ने जय बद्री-विशाल और जय केदार के उद्घोष के बीच तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान सीएम धामी ने यात्रियों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें सुगम यात्रा की शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमारी सरकार ‘अतिथि देवो भव:’ के संकल्प के साथ काम कर रही है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
भक्ति और उल्लास का माहौल
आज सुबह यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले मां यमुना की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से विदा हुई. पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और स्थानीय लोक नृत्यों के साथ डोली धाम पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के कपाट खोले गए. वहीं, गंगोत्री धाम को भी कई क्विंटल फूलों से सजाया गया है. पहाड़ियों पर हुई हल्की बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था.
कपाट खुलने का विस्तृत कार्यक्रम
श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना इन तिथियों के अनुसार बना सकते हैं:
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: आज, 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को कपाट खुल चुके हैं.
