चंडीगढ़। हरियाणा में छह से आठ अप्रैल तक हुई बारिश और ओलावृष्टि से चार जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व कुरुक्षेत्र के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंची है।
भरपाई के लिए हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में ई-क्षति पोर्टल खोल दिया गया है, जबकि कुरुक्षेत्र में जल्द खुल जाएगा। पोर्टल पर अब 1350 किसानों ने 10 हजार 88 एकड़ क्षेत्र में नुकसान दिखाया है। इनमें फतेहाबाद जिले के नौ गांव, हिसार के 10 तथा सिरसा के दो गांव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित जिलों के उपायुक्तों से बात कर स्थिति का पता लगाया है। साथ ही कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे फसल खरीद को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, जबकि उनके समय की बदहाल व्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं हैं।
हमारी सरकार ने मंडियों में सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रत्येक मंडी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री, विधायक व अधिकारी लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
हुड्डा ने शासन नहीं, राज किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 साल हरियाणा में कांग्रेस का शासन रहा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने शासन नहीं किया बल्कि राज किया। किसानों को फसल बेचने के लिए सात दिन तक मंडियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। बोरियां नहीं होती थी।
फसल बारिश में भीगती थी, तो किसान अपने पैसे से तिरपाल लेकर आता था। कांग्रेस बताए कि उन्होंने फसल सुरक्षा के लिए कितने गोदाम बनाए। तब किसानों को पैसा समय पर नहीं मिलता था। मुआवजे के दो-दो रुपये के चेक किसानों को देते थे और किसान का मजाक बनाते थे।
नायब ने कहा कि आज हमारी सरकार उन व्यवस्थाओं को ठीक कर रही है तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने का काम सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां देश के लिए, बल्कि उनके परिवार के लिए ठीक थी। इन्होंने देश को पीछे धकेला। कांग्रेस के हालात ऐसे हैं, जैसे पानी के बाहर मछली को रख दिया हो।
एमएसपी से अधिक कीमत पर बिक रही सरसों
मंडियों में 16 हजार 46 टन सरसों की आवक हुई है। इसमें से 3421 टन सरसों की सरकारी खरीद और शेष सरसों निजी व्यापारियों द्वारा खरीदी गई है। निजी व्यापारी एमएसपी से अधिक कीमत पर सरसों खरीद रहे हैं। 1558 टन सरसों का उठान करवाया जा चुका है। किसानों को 6200 रुपये क्विंटल के हिसाब से अब तक 4 करोड़ 94 लाख रुपये बैंकों में डाले जा चुके हैं।
मंडियों में पहुंचा 17 लाख टन गेहूं
मंडियों में अब तक 17 लाख 37 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 3 लाख 92 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों को 2585 रुपये एमएसपी के हिसाब से 13 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक खातों में किया जा चुका है।
