आजमगढ़ जिले की अतरौलिया विधानसभा सीट को लेकर भाजपा के दो सहयोगी दल आमने-सामने आ गए हैं। इस सीट को लेकर सुभासपा और निषाद पार्टी में अभी से खींचतान शुरू हो गई है। हुआ यह कि सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ की सभी दस विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। मगर निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद को राजभर के इस ऐलान से ऐतराज है। उन्होंने अतरौलिया विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में निषाद मतदाता होने का हवाला देते हुए वहां हर हाल में प्रत्याशी उतारने की बात कही है।
ओमप्रकाश राजभर हालिया दिनों में आजमगढ़ में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। गठबंधन में सीटों का बंटवारा होने की बात अभी भले ही दूर-दूर तक न हो लेकिन राजभर ने अभी से आजमगढ़ की सभी सीटों पर लड़ने की घोषणा कर दी है। इस पर संजय निषाद ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अभी सीटों का कोई बंटवारा नहीं हुआ है और न ही इसे लेकर अभी कोई बातचीत शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा बड़े भाई की तरह है। उसके साथ सीटों पर बात होनी है। इससे पहले ही अतरौलिया सीट पर दावा करना गलत है। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी अतरौलिया सीट हारी जरूर थी लेकिन उसे सम्मानजनक वोट मिले थे।
मुस्लिम समाज को गुमराह कर रहे हैं अखिलेश : ओमप्रकाश
यूपी के पंचायती राज मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आजमगढ़ अब किसी एक का गढ़ नहीं रह गया है, बल्कि यह सभी जाति और धर्म के लोगों का साझा क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अदालत के नर्णिय के बाद ही सरकार चुनाव कराएगी। राजभर गुरुवार को सिविल लाइन स्थित नेहरू हाल में आयोजित अल्पसंख्यक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुस्लिम समाज को गुमराह कर रहे हैं, जबकि भाजपा एवं सहयोगी दलों की सरकार में मुस्लिम समाज अधिक सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की कई बार सरकार बनी, लेकिन किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। यदि सपा वास्तव में मुस्लिम हितैषी है तो उसे पहले ही घोषित करना चाहिए कि सत्ता में आने पर मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा केवल समाज को भ्रमित कर सत्ता हासिल करना चाहती है, लेकिन इस बार उसके मंसूबे सफल नहीं होंगे और भाजपा व सहयोगी दल प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएंगे।
