राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) इलाके में प्रशासन का बुलडोजर एक बार फिर गर्जा है। अस्ती रोड पर स्थित पशुशाला की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित की गई एक मस्जिद को गुरुवार तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमींदोज कर दिया गया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई इस गोपनीय और त्वरित कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
आधी रात को सील हुआ गांव, काटी गई बिजली
प्रशासन ने इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा। बुधवार रात से ही बीकेटी-अस्ती रोड और किसान पथ से गांव की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था। बवाल और विरोध की आशंका को देखते हुए 10 थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया। रात करीब 2 बजे पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई ताकि अंधेरे का लाभ उठाकर कोई विरोध प्रदर्शन न कर सके। तड़के 3 बजे जब पूरा इलाका नींद में था, तब चार जेसीबी मशीनों ने मस्जिद के अवैध ढांचे को गिराना शुरू किया। महज एक घंटे के भीतर निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया गया और एक दर्जन डंपरों की मदद से तत्काल मलबा मौके से हटा दिया गया।
राजस्व अभिलेखों में पशुशाला की भूमि पर था कब्जा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस भूखंड पर मस्जिद का निर्माण किया गया था, वह राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा की ‘पशुशाला’ के रूप में दर्ज है। इस अवैध निर्माण की शिकायत 19 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार न्यायालय में की गई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत तहसीलदार ने बेदखली का आदेश दिया था, जिसे चुनौती देने वाली अपील को 31 अक्टूबर 2025 को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने खारिज कर दिया। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, लेकिन अदालत ने भी बेदखली के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने यह अंतिम कदम उठाया।
कोर्ट का फैसला: बेदखली बरकरार, जुर्माना रद्द
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बेदखली का आदेश बरकरार रखा। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं पर लगाए गए 36 हजार रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया। न्यायालय का मानना था कि निर्माण कार्य में याचिकाकर्ताओं की सीधी भूमिका स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुई है, इसलिए आर्थिक दंड उचित नहीं है।
वर्तमान स्थिति: कड़ी निगरानी में अस्ती गांव
कार्रवाई के बाद पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि पूरे ऑपरेशन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती बरकरार रखी गई है। बीकेटी एसडीएम साहिल कुमार ने साफ किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान निरंतर जारी रहेगा और न्यायालय के हर आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा।
