पंचकूला। हरियाणा मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में यातायात की सुगमता के उद्देश्य से विभिन्न रेल परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी मिली है।
यह निर्णय राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक साबित होगा। मंत्रिमंडल ने रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के संशोधित डीपीआर को दी स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्रिमंडल ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान की है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और शहरी गतिशीलता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
11709 करोड़ रुपये जारी किए
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना की संशोधित लागत 11 हजार 709 करोड़ रुपये दी गई है, जो कि पहले स्वीकृत 5,618 करोड़ रुपये की तुलना में डबल है।
यह संशोधन वर्तमान बाजार परिस्थितियों, परियोजना के दायरे में विस्तार और नीतिगत बदलावों के आधार पर किया गया है। संशोधित लागत का अनुमोदन पहले ही हरियाणा आर्बिटल रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल द्वारा किया जा चुका है, जो इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना पूर्ण होने पर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लाजिस्टिक्स हब को सीधे रेल संपर्क प्रदान हो सकेगा। हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह कॉरिडोर माल परिवहन को सुगम बनाने, ट्रांजिट समय कम करने और राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर को मंजूरी
मंत्रिमंडल की बैठक में रिठाला-नरेला-कुंडली (फेज-IV) मेट्रो कॉरिडोर के हरियाणा के हिस्से के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत मेट्रो लाइन को नरेला से कुंडली तक हरियाणा क्षेत्र में 2.726 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें कुंडली और नाथूपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। हरियाणा के हिस्से में बनने वाली इस परियोजना की कुल लागत 545.77 रुपये करोड़ स्वीकृत की गई है।
कुल लागत में से भारत सरकार 97.30 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि हरियाणा सरकार 448.48 करोड़ रुपये का वहन करेगी, जिसमें भूमि लागत भी शामिल है। मंत्रिमंडल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के साथ समझौते करने तथा परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (क्षेत्रीय त्वरित पारगमन प्रणाली-आरआरटीएस) कॉरिडोर के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है। यह परियोजना राज्य में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कॉरिडोर दिल्ली से पानीपत तक और उससे आगे करनाल तक फैला होगा, जिसकी कुल लंबाई 136.30 किलोमीटर होगी।
परियोजना की अनुमानित कुल लागत लगभग 33 हजार 051.15 करोड़ है, जिसमें से हरियाणा सरकार का हिस्सा 7,472.11 करोड़ है। राज्य का योगदान चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा।
इस परियोजना में हरियाणा में 11 स्टेशनों का प्रस्ताव है, जो राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच निर्बाध और उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे।
कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को इस परियोजना के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है। कॉरिडोर का विस्तार करनाल से आगे कुरुक्षेत्र एवं साहा होते हुए पंचकूला तक किया जा सकेगा तथा इस विषय को भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय एवं एनसीआरटीसी के साथ उठाया जाएगा।
