लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) द्वारा प्रदेश की 57 हजार महिलाओं को बीमा सखी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। हर ग्राम पंचायत में एक एलआईसी बीमा सखी को नियुक्त किया जाएगा। इन सखियों को प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड और पॉलिसी कराने पर कमीशन दिया जाएगा।
यूपीएसआरएलएम निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि बीमा सखी योजना के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया गया। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर बीमा सखी के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। इसमें बीसी सखी, बैंक सखी और एफएल-सीआरपी को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में पांच हजार बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य है।
अब तक 3,397 आवेदन आए हैं, जिनमें से 672 महिलाओं ने भर्ती पूर्व प्रशिक्षण पूरा किया है, जबकि 469 अभ्यर्थियों ने लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर ली है और उन्हें आधिकारिक रूप से बीमा सखी नियुक्त किया जा चुका है। बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले साल हर महीने सात हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा।
दूसरे साल छह हजार और तीसरे साल हर माह पांच हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। 57 हजार बीमा सखी बनाने का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027-28 तक पूरा किया जाएगा।
