रुद्रपुर में आगामी 1 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसान प्रतिनिधियों, राइस मिलर्स और संबंधित क्रय एजेंसियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने सभी क्रय एजेंसियों को निर्देशित किया कि गेहूं क्रय केंद्रों पर सभी मूलभूत सुविधाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त होनी चाहिए।
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर क्रय केंद्र पर व्हाट्सएप नंबर प्रदर्शित किया जाएगा। किसान अपनी शिकायतें मैसेज या वीडियो के माध्यम से इस नंबर पर भेज सकेंगे, जिस पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करते हुए समाधान सुनिश्चित करेगा।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 108 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें खाद्य विभाग के 18, सहकारिता विभाग के 51, उत्तराखंड उपभोक्ता सहकारी संघ के 7, एनसीसीएफ के 15 और पीसीयू के 17 केंद्र शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में वारदाना उपलब्ध कराया जाए, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही तोल कांटों का परीक्षण कर उन्हें निर्धारित स्थानों पर समय से स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी क्रय केंद्रों पर लगाई जाएगी, उन्हें पहले से पूरी जानकारी देकर तैनात किया जाए। इससे कार्य में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहेगी।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी भी क्रय केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्रय केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में आरएफसी सीएस मर्तोलिया, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव, सभी मंडी सचिव, यूसीएफ, एनसीसीएफ, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, उत्तराखंड उपभोक्ता सहकारी संघ के प्रतिनिधि, विभिन्न किसान संगठन और राइस मिलर्स उपस्थित रहे।
