चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर सोमवार को बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम के साथ हुए चुनाव में एक सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस ने जीत ली। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत पहले से तय थी, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जीत के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को मात्र तीन मतों के अंतर से हराया।
कांग्रेस उम्मीदवार किस्मत के धनी निकले और तमाम तरह के कयासों के बीच अपनी जीत सुनिश्चित की। रात करीब सवा बजे भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध के चुनाव जीतने पर मुहर लगी, लेकिन खबर लिखे जाने तक रिटर्निंग अधिकारी ने उनके जीतने की विधिवत घोषणा नहीं की थी।
राज्यसभा की इन दोनों सीटों पर हुए चुनाव में जहां भाजपा निर्दलीय उम्मीदवार के दम पर जीत की हैट्रिक लगाने से चूक गई, वहीं पिछले दो राज्यसभा चुनाव में हुई हार का कलंक धोने में कांग्रेस कामयाब हो गई। कांग्रेस की इस जीत को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जीत माना जा रहा है।
कर्मवीर बौद्ध वैसे तो राहुल गांधी के उम्मीदवार थे और अधिकतर कांग्रेस विधायक उन्हें पसंद नहीं कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस में हुई क्रास वोटिंग के बावजूद कर्मवीर बौद्ध चुनाव जीत गए। 90 सदस्सीय विधानसभा में कुल 88 वोट पड़े। इनेलो के दो विधायकों अर्जुन सिंह चौटाला और अदित्य देवीलाल चौटाला ने वोट नहीं डाले।
भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के समर्थन में 33 वोट पड़े। हालांकि संजय भाटिया को जीत के लिए 31 मतों की जरूरत थी, लेकिन भाजपा ने मजबूत रणनीति के तहत उन्हें 33 वोट डलवाए, ताकि अगर कोई वोट रद होती तो संजय भाटिया की जीत पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता। कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज की वोट रद करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी को शिकायत दी थी।
इसी तरह भाजपा की ओर से कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के वोट रद करने की शिकायत दी गई थी। केंद्रीय चुनाव आयोग के पास यह शिकायतें पहुंची तो अनिल विज और भरत सिंह बेनीवाल की वोट वैलिड घोषित की गई, जबकि परमवीर सिंह की वोट रद कर दी गई।
भाजपा के संजय भाटिया को 33 मत मिलने के बाद कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 25 मत मिले, जो कि रिकार्ड हैं। भले ही नांदल चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को आखिर तक टक्कर दी। कांग्रेस की एक वोट रद हुई है, जबकि दो वोटों के कैंसिल होने की सूचना है, जबकि छह वोट क्रास हुई बताई जा रही हैं। इसी तरह, भाजपा की दो वोट कैंसिल होने की सूचना है। ऐसे में कर्मवीर बौद्ध को किस्मत का धनी माना जा रहा है, जो कांटे के मुकाबले में चुनाव जीत गए हैं।
मतगणना रात करीब 11 बजे आरंभ हुई और करीब सवा बजे मतगणना खत्म होने की घोषणा की गई। मतगणना में देरी इसलिए हुई क्योंकि भाजपा व कांग्रेस की ओर से एक दूसरे के विरुद्ध चुनाव आयोग के पास शिकायतें भेजी गई थी। समस्त शिकायतों का निस्तारण करने के बाद मतगणना आरंभ हुई।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। केंद्रीय चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अनिल विज और भरत सिंह बेनीवाल के वोट को वेलिड माना, वहीं परमवीर सिंह के वोट को रद कर दिया।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में किसे मिले कितने वोट?
| उम्मीदवार का नाम | पार्टी | मिले वोट |
| संजय भाटिया | बीजेपी | 31 |
| कर्मवीर बौद्ध | कांग्रेस | 28 |
| सतीश नांदल | निर्दलीय | 27 |
सुबह से ही तेज रही मतदान की रफ्तार
मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही विधायकों का विधानसभा पहुंचना शुरू हो गया था। सबसे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विधानसभा पहुंचे और अपना वोट डाला। सुबह नौ बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया में पहले दो घंटे के भीतर ही अच्छी संख्या में विधायक मतदान कर चुके थे। सुबह 11:15 बजे तक 25 विधायकों ने वोट डाल दिए थे।
इसके बाद दोपहर 12:15 बजे तक यह संख्या 40 तक पहुंच गई। दोपहर 12:30 बजे तक 50 और 1:15 बजे तक 62 विधायक मतदान कर चुके थे। दोपहर 2:50 बजे तक कुल 87 विधायक वोट डाल चुके थे। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण अपनी माता के अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार गए हुए थे। वे करीब तीन बजे विधानसभा पहुंचे और सबसे अंत में मतदान किया।
