पंचकूला। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र में नौवीं से बारहवीं तक की छात्राओं को पीने के लिए फोर्टिफाइड सुगंधित दूध और खाने के लिए मिल्क बार मिलेंगे।
प्रदेश सरकार ने छात्राओं में पोषण की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना शुरू की है, जो पहली अप्रैल से लागू होगी। छात्राओं को सप्ताह में चार दिन फोर्टिफाइड सुगंधित दूध और दो दिन मिल्क बार दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत छात्राओं को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए 75 दिन फोर्टिफाइड सुगंधित दूध और 75 दिन प्रोटीन मिल्क बार वितरित किए जाएंगे।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन के आधार पर छात्राओं की संख्या निर्धारित की गई है। आठवीं के नामांकन को कक्षा नौवीं, नौवीं के नामांकन को दसवीं तथा ग्यारहवीं के नामांकन को बारहवीं के लिए आधार माना गया है।
दसवीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम लंबित होने के कारण अभी ग्यारहवीं के लिए अलग से छात्राओं की संख्या निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि निदेशालय की ओर से प्रदेशभर में जिलावार छात्राओं की संख्या की सूची भी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई है, जिसके आंकड़ों का सत्यापन कर 18 मार्च तक डीईओ को निदेशालय भेजना होगा। यदि किसी विद्यालय की मांग में कोई बदलाव होता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना भी अनिवार्य है।
छात्राओं को कुपोषण से मिलेगी मुक्ति
छात्राओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। दूध में कैल्शियम और विटामिन-डी होता है, जोकि हडि्डयों की मजबूती तथा लंबाई बढ़ाने में मदद करते हैं। मिल्क बार से भी पोषाहार की कमी पूरी होगी।
पहली से आठवीं तक के बच्चों को पहले ही दिया जा रहा सुगंधित दूध और मिल्क बार
सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पहले ही मिड-डे मील के साथ सुगंधित दूध और मिल्क बार दिया जा रहा है। हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन की ओर से स्कूलों में यह खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा विभाग का उद्धेश्य है कि पढ़ाई के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की सेहत भी अच्छी रहे।
मिड-डे-मील में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन में प्रोटीन, कैलोरी, कैल्शियम और आयरन की मात्रा पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
