चंडीगढ़। मिडिल ईस्ट में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बाधित होने की सूचनाओं पर हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को आयल कंपनियों और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को चंडीगढ़ बुलाकर गैस, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में अधिकारियों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि राज्य में कामर्शियल गैस सिलेंडर को छोड़कर न घरेलू गैस की समस्या है और न ही पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि घरेलू एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की चोरी या कालाबाज़ारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के सभी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला खाद्य एवं आपूर्ति तथा पूर्ती नियंत्रक फील्ड में सक्रिय रहें।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू और महानिदेशक अंशज सिंह समेत आयल कंपनियों के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नौ मार्च को जारी एक आदेश में प्राथमिक क्षेत्रों के लिए घरेलू एलपीजी की आपूर्ति तथा उसके समुचित एवं समान वितरण एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या बोले ऑयल कंपनी के अधिकारी?
ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है तथा आयल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त गैस की आपूर्ति निरंतर रूप से प्राप्त हो रही है। हालांकि कामर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्थाई रूप से बाधा आ रही है।
कामर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को दी जा रही है और शेष आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए आयल कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर लोग ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट एवं भंडारण से बचें, क्योंकि राज्य में आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है।
हरियाणा की सभी गैस एजेंसियों में पहले की ही तरह बुधवार को रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों से लदे ट्रक पहुंचे। अधिकतर एजेंसियों के गोदाम तक एक से दो ट्रक पहुंचे। जिस एजेंसी के पास उपभोक्ता क्षेत्र अधिक हैं और उन्होंने तीन ट्रक की डिमांड भेजी थी, उनके पास तीन ट्रक भी पहुंचे। कामर्शियल सिलेंडर गैस रिफलिंग प्लांट से एजेंसी तक नहीं आने की वजह से लोग जरूर परेशान नजर आए।
कैसी रहेगी अगले हफ्ते की स्थिति?
अगले सप्ताह से स्टॉक के मुताबिक कामर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति आरंभ करने की योजना है। सरकार के निर्देश पर रिफलिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान तथा अन्य कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्टाक की समीक्षा कर खपत और जरूरत का डाटा बनाया।
साथ ही उन्होंने निगरानी समिति भी गठित की। हरियाणा गैस डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शशिकांत शर्मा ने बताया कि सोमवार को भी सभी एजेंसी के पास रसोई गैस सिलेंडर पहुंचे हैं। जिस उपभोक्ता के सिलेंडर लिए हुए 25 दिन पूरे हो गए, उसकी ओर से बुकिंग कराई गई तो दर्ज मोबाइल नंबर पर कंपनी की ओर से ओटीपी गया और सिलेंडर घर पहुंचा दिया गया।
