चंडीगढ़। हरियाणा के विभिन्न शहरों में सफाई व्यवस्था अब बेहतर होगी। विशेषकर ठोस कचरा प्रबंधन और डोर टू डोर कचरा संग्रहण पर जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 90 करोड़ 66 लाख रुपये के टेंडर देने की प्रक्रिया के दौरान मोलभाव कर चार करोड़ रुपये बचाए गए।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हुई बैठक में गोहाना में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन, पलवल में ठोस कचरे के प्रोसेसिंग कार्य, करनाल में पुराने (लीगेसी) कचरे के बायो-रिमेडिएशन, हिसार के सेक्टरों में सड़कों की सफाई से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा पलवल में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें निर्धारित मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार तय नियमों के अनुसार कार्य करें, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और कार्यों के आधार पर ठेकेदारों की ग्रेडिंग भी तैयार की जाएगी। जो एजेंसियां बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, हिसार के मेयर परवीन पोपली उपस्थित रहे।
