शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संसद भवन नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की. इस दौरान हिमाचल कांग्रेस प्रभारी और राज्यसभा सांसद रजनी पाटिल भी साथ नज़र आईं. लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री से राज्य में ऑल वेदर सड़कों, पुलों और स्ट्रेटिजिक सुरंगों को विकसित केंद्रीय सहयोग मांगा. साथ ही संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मज़बूत और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई.
केंद्रीय मंत्री से प्राकृतिक आपदा पर चर्चा
इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ प्रदेश में बार‑बार होने वाले भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चर्चा की. साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में संकरी पहाड़ी सड़कों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है. उन्होंने राज्य में चल रही परियोजनाओं के बारे में चर्चा की और परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार से सहायता की मांग रखी.
लोक निर्माण मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से पर्वतीय राज्यों के लिए कुछ मानकों में ढील देने की भी मांग उठाई. इस दौरान घाटासनी-कुल्लू सड़क मार्ग और भूबू जोत के नीचे प्रस्तावित सुरंग पर भी चर्चा की गई है. विक्रमादित्य सिंह ने आग्रह किया कि भूबू जोत सुरंग और उससे जुड़ी सड़क को प्राथमिकता प्राप्त परियोजना के रूप लाया जाए और संपूर्ण मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने पर विचार किया जाए.
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों-पुलों को लेकर केंद्रीय मंत्री से की चर्चा
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि, “सुरंग जोगिंद्रनगर क्षेत्र को लुग घाटी के माध्यम से कुल्लू से एक ऑल वेदर वैकल्पिक मार्ग से जोड़ेगी. इससे पठानकोट, जोगिंद्रनगर, मंडी और कुल्लू के बीच दूरी और यात्रा के समय में कमी आएगी. भूभू जोत कॉरिडोर विकसित होने से लुग घाटी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, होम‑स्टे, छोटे व्यापार, परिवहन सेवाओं और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.”
इसके अलावा विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के महत्वपूर्ण पुल और सड़क परियोजनाओं पर भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की. उन्होंने ब्यास नदी पर बसंतिपत्तन–खेरी के बीच दो‑लेन पुल का मुद्दा और मंडी ज़िले में पंडोह के निकट ब्यास पर मोटरेबल स्टील ट्रस पुल निर्माण का प्रस्ताव भी रखा.
प्रदेश में रोपवे विकास के लिए नियमों में ढील देने की मांग
लोक निर्माण मंत्री ने सेंट्रल रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) और अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत प्रदेश में चल रहे कामों के सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सड़कों के चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवारों, बाईपास और सुरंगों से जुड़े कई प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं. इसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री से शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की है.
इसके अलावा विक्रमादित्य सिंह ने रोपवे परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों के लिए कुछ मानकों में छूट देने की मांग की. उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बेहतर सड़क और रोपवे कनेक्टिविटी केवल सुविधाजनक यात्रा का साधन भर नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनजीवन से सीधे जुड़ा है.
राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए मिला आश्वासन
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, “केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उनके और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी राजनी पाटिल द्वारा रखे गए सभी मुद्दों को गंभीरता और सहानुभूति से सुना है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार पर्वतीय एवं सीमांत राज्यों में सड़क और पुल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और हिमाचल प्रदेश की वास्तविक आवश्यकताओं पर सकारात्मक विचार किया जाएगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल और केंद्र सरकार के साथ निकट समन्वय बनाकर प्रदेश के दूरदराज, सीमांत और जोखिम भरे क्षेत्रों को बेहतर, सुरक्षित और ऑल वेदर सड़कों से जोड़ा जा सकेगा.”
