गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में आज से बजट सत्र की शुरुआत होगी। सत्र का शुभारंभ राज्यपाल के अभिभाषण से होगा, जिसके बाद सरकार सदन में विनियोग विधेयक प्रस्तुत करते हुए बजट पेश करेगी।
उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही सदन में बजट प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही यह भी पहला अवसर होगा जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट विधानसभा में पेश करेंगे। वर्तमान में वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है।
जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट आकार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार का बजट गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष रूप से केंद्रित रहने की संभावना है। इसके अलावा अवस्थापना विकास, स्वरोजगार और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री बजट में कई नई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।
रविवार को भराड़ीसैंण में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें सदन के संचालन के लिए दो दिन का एजेंडा तय किया गया। बैठक में विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह शामिल नहीं हुए।
तय कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और बजट पेश किया जाएगा, जबकि 10 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा होगी।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही बजट पेश किया जाएगा और चुनावी वर्ष को देखते हुए इसमें महिला, किसान, युवा और गरीब वर्ग के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता के मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही बजट पेश करना उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हो रहा है और सरकार संख्या बल के आधार पर सदन चलाने का प्रयास कर रही है।
