चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से साल 2026-27 के लिए विधानसभा में पेश करीब सवा दो लाख करोड़ के बजट प्रस्तावों पर सुझाव व सिफारिशें देने के लिए विभागीय स्थायी समितियों का गठन किया गया है।
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने विधायकों की आठ स्थायी समितियां बनाई हैं, जो 16 मार्च को रिपोर्ट पेश करेंगी। इन कमेटियों को बजट प्रस्ताव में शामिल किसी भी घोषणा, अनुदान राशि और बजट राशि में परिवर्तन करने का अधिकार नहीं होगा, लेकिन स्थायी समितियां बजट में शामिल करने के लिए नए प्रस्ताव, नये सुझाव और बजट बढ़ाने की सिफारिश कर सकती हैं।
बजट पास होने से पहले वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन सुझाव सिफारिशों का आकलन करेंगे और यदि जरूरी समझेंगे तो उन्हें बजट में शामिल करेंगे।
हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बजट के लिए अनुदान मांगों पर विचार करने हेतु जिन विभागीय स्थायी समितियों का गठन किया है, वह विधानसभा में कार्य संचालन और प्रक्रिया नियमों के नियम 190 (बी) के अंतर्गत हुआ है।
विधायकों की कमेटियां वर्ष 2026-27 के बजट पर विभागवार गहन मंथन करेंगी। इन कमेटियों में एक चेयरमैन और आठ से 10 तक सदस्य बनाए गए हैं, ताकि बजट प्रस्तावों पर व्यापक और संतुलित समीक्षा हो सके। कमेटियों में सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, इनेलो और निर्दलीय विधायकों को शामिल किया गया है। कमेटियां 10 से 15 मार्च तक विभागवार बजट प्रस्तावों पर चर्चा करेंगी और उसके बाद 16 मार्च को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें स्पीकर को सौंपेंगी। इन रिपोर्ट के आधार पर सरकार चाहे तो बजट योजनाओं में बदलाव कर सकती है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास कमेटी
ग्रोथ एनएबलर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा करेंगे। अशोक अरोड़ा, सावित्री जिंदल, मामन खान इंजीनियर, मुकेश शर्मा, पवन खरखौदा, शक्ति रानी शर्मा, सुनील सतपाल सांगवान, आदित्य सुरजेवाला और देवेंद्र कादियान इस कमेटी में सदस्य रहेंगे। यह कमेटी लोक निर्माण विभाग, परिवहन, सूचना एवं जनसंपर्क, ऊर्जा, उद्योग तथा सिंचाई विभागों के बजट प्रस्तावों का विश्लेषण करेगी।
क्षेत्रीय विकास और स्थानीय सरकार कमेटी
आठवीं कमेटी रीजनल डेवलपमेंट एंड लोकल सेल्फ गवर्नमेंट से जुड़ी है, जिसकी अध्यक्षता भाजपा विधायक विनोद भयाना करेंगे। इसके सदस्य प्रमोद कुमार विज, रघुबीर सिंह तेवतिया, रेनू बाला, जगमोहन आनंद, निखिल मदान, मंजू चौधरी, गोकुल सेतिया, आदित्य देवीलाल और राजेश जून हैं। यह कमेटी शहरी विकास, नगर निकाय, पंचायत, ग्रामीण विकास और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के बजट की समीक्षा करेगी।
पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस कमेटी
विधानसभा की पहली स्थायी समिति पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड गवर्नेंस से जुड़ी है, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल करेंगी। इस कमेटी में चंद्रमोहन बिश्नोई, परमवीर सिंह, रामकुमार गौतम, सरदार जरनैल सिंह, कृष्णा गहलावत, इंदुराज नरवाल, सतपाल जांबा, उमेद पातूवास और योगेंद्र सिंह राणा सदस्य बनाए गए हैं। यह कमेटी विधानसभा, राज्यपाल एवं मंत्रिपरिषद, सामान्य प्रशासन, चुनाव, राजस्व व आपदा प्रबंधन तथा एक्साइज और टैक्सेशन विभागों से जुड़े बजट प्रस्तावों की समीक्षा करेगी।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा कमेटी
दूसरी स्थायी समिति ला एंड आर्डर एंड सिक्योरिटी से संबंधित है, जिसकी अध्यक्षता भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप को दी गई है। इसके सदस्य मोहम्मद इलियास, मूलचंद शर्मा, शकुंतला खटक, चंद्र प्रकाश, पूजा चौधरी, देवेंद्र अत्री, हरिंदर सिंह रामतन, मुकेश शर्मा और मनदीप चट्ठा होंगे। यह कमेटी गृह विभाग, जेल विभाग और न्याय प्रशासन से जुड़े बजट प्रस्तावों की समीक्षा करेगी।
कृषि और प्राकृतिक संसाधन कमेटी
एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर्स, एनवायरनमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा होंगे। इसके सदस्य निर्मल सिंह, अर्जुन चौटाला, बलवान सिंह दौलतपुरिया, रणधीर पनिहार, सतपाल जांबा, योगेंद्र सिंह राणा, राजबीर फरटिया और विकास सहारण हैं। यह कमेटी कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी विकास, मत्स्य पालन, खनन तथा वन और पर्यावरण विभागों के बजट का अध्ययन करेगी।
खाद्य एवं सहकारिता कमेटी
फूड एंड कोऑपरेटिव सेक्टर कमेटी के चेयरमैन भाजपा विधायक ओम प्रकाश यादव बनाए गए हैं। इसके सदस्य घनश्याम सर्राफ, भरत सिंह बैनीवाल, भागवान दास कबीरपंथी, बिमला चौधरी, नरेश सेलवाल, कुलदीप वत्स, रामकरण काला, कपूर सिंह वाल्मीकि और देवेंद्र हंस हैं। यह कमेटी सहकारिता तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभागों के बजट प्रस्तावों की समीक्षा करेगी।
वित्त कमेटी करेगी संस्थागत वित्त पर चर्चा
फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव बनाए गए हैं। इसके सदस्य आफताब अहमद, शैली चौधरी, शीशपाल केहरवाला, अनिल यादव, कंवर सिंह यादव, निखिल मदान, सतीश कुमार फागना और बलराम दांगी हैं। यह कमेटी वित्त विभाग, संस्थागत वित्त, क्रेडिट कंट्रोल, सप्लाई एवं डिस्पोजल, योजना और सांख्यिकी विभागों के बजट प्रस्तावों का परीक्षण करेगी।
मानव विकास और सामाजिक कल्याण कमेटी
ह्यूमन डेवलपमेंट एंड सोशल वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढा होंगे। इसके सदस्य डा.रघुवीर सिंह कादियान, गीता भुक्कल, तेजपाल तंवर, धनेश अदलखा, कृष्ण कुमार, मामन खान इंजीनियर, जस्सी पेटवाड़, मोहम्मद इसराइल और विनेश फोगाट हैं। यह कमेटी शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, खेल, पर्यटन, स्वास्थ्य, श्रम, युवा सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय से जुड़े विभागों के बजट की समीक्षा करेगी।
सिर्फ सदन में बहस तक सीमित नहीं रहेगा बजट
स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकों से विधायकों को विभागवार बजट प्रस्तावों को विस्तार से समझने का अवसर मिलेगा। इसके आधार पर वे विधानसभा में बहस के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकेंगे। राजनीतिक व विभागीय दृष्टि से भी यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इन कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार बजट योजनाओं में संशोधन कर सकती है। ऐसे में आगामी दिनों में हरियाणा का बजट सिर्फ सदन की बहस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कमेटियों के मंथन से गुजरकर अंतिम रूप लेगा।
