यमुनानगर। प्रदेश सरकार के बजट पर जिले में सियासत गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने इसे ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बताया। उनका कहना है कि बजट से किसान, युवा और व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा।
प्राकृतिक खेती, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया गया है। वहीं विपक्षी दलों ने बजट को कागजी करार दिया। उन्होंने रोजगार और महंगाई पर सवाल उठाए। किसानों के लिए ठोस कदम न होने की बात कही। कुछ व्यापारिक संगठनों ने बजट का स्वागत किया है। जिले में बजट को लेकर चर्चा और बहस तेज हो गई है।
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को राहत
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश बजट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बजट सबका साथ और सबका विकास की सोच को मजबूत करता है। फसल बीमा योजना और भावांतर भरपाई योजना को और प्रभावी बनाया जाएगा। प्राकृतिक और जैविक खेती को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से उत्पादन बढ़ेगा। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से किसानों की आय में सुधार होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह बजट कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा। किसानों में नया विश्वास पैदा होगा। सरकार गांव और किसान के साथ खड़ी है।
क्रांतिकारी ब्लूप्रिंट साबित होगा
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने बजट को दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के सर्वांगीण विकास का खाका है। आर्थिक स्थिरता और विकास पर संतुलित ध्यान दिया गया है। मानव संसाधन विकास को प्राथमिकता मिली है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे। रोजगार सृजन के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। बुनियादी ढांचे के विकास से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे विकास की रफ्तार तेज होगी। हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा।
अंतिम व्यक्ति के उत्थान की दिशा में कदम
पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने बजट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है। यह विकसित हरियाणा-2047 के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है। आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया है। किसानों की समृद्धि और सुरक्षा को प्राथमिकता मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का प्रावधान किया गया है। गरीब और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट उसी सोच का परिणाम है। प्रदेश में संतुलित विकास होगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों को लाभ मिलेगा।
संतुलित और भविष्य की सोच वाला बजट
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने बजट को संतुलित और समावेशी बताया। उन्होंने कहा कि इसमें ग्रामीण और शहरी विकास का संतुलन दिखता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने बजट से पहले जनता की राय ली। विभिन्न वर्गों से सुझाव जुटाए गए। उसी आधार पर यह बजट तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। किसान और व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी। यह बजट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जिला यमुनानगर की जनता सरकार का आभार व्यक्त करती है।
बजट केवल कागजी साबित होगा
आम आदमी पार्टी के नेता ललित त्यागी ने बजट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल कागजों तक सीमित है। पुरानी योजनाओं को दोहराया गया है। आमजन को राहत देने के ठोस उपाय नहीं हैं। किसानों के लिए स्पष्ट नीति का अभाव है।
युवाओं को रोजगार का भरोसा नहीं मिला। महंगाई पर कोई ठोस कदम नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े दावे किए हैं। जमीन पर असर कम दिखाई देगा। यह बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरेगा। आम आदमी को वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
जनता के हाथ कुछ नहीं लगा
कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष नरपाल गुर्जर ने बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं की समस्याएं जस की तस हैं। उत्पादन लागत बढ़ रही है। लाभकारी मूल्य की गारंटी नहीं दी गई। सिंचाई ढांचे को मजबूत करने की स्पष्ट योजना नहीं है।
बेरोजगारी पर ठोस रणनीति नहीं दिखती। महंगाई से राहत के उपाय नहीं हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई। कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी हुई है। उन्होंने कहा कि यह बजट आमजन को राहत देने में असफल रहेगा। सरकार को संशोधन करना चाहिए।
आंकड़ों की बाजीगरी, असली मुद्दों से दूरी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राय सिंह गुर्जर ने बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसमें आंकड़ों की बाजीगरी की गई है। किसान और मजदूर की अनदेखी हुई है। प्रदेश पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। मनरेगा पर स्पष्ट प्रावधान नहीं है। फसल बीमा और भावांतर योजना प्रभावी नहीं रही।
पेयजल और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस योजना का अभाव है। कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। मिड डे मील योजना पर भी सवाल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा।
संतुलित और जनकल्याणकारी बजट
हरियाणा चैंबरर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिव प्रताप बजाज ने बजट का स्वागत किया। उन्होंने इसे संतुलित और जनहितैषी बताया। कहा कि यह विकसित हरियाणा की झलक दिखाता है। किसानों और उद्यमियों को सहूलियतें दी गई हैं।
गरीब, दलित और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखा गया है। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। व्यापार को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में अंत्योदय की भावना दिखाई देती है। सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया
पूर्व चेयरमैन शशि दुरेजा ने प्रदेश बजट का स्वागत करते हुए इसे विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर हरियाणा की दिशा में ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना है।
सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। सड़कों, शहरी विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश को नई गति मिलेगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के प्रावधान सराहनीय हैं। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और आय बढ़ेगी। मजदूर, महिला, युवा और कर्मचारी वर्ग को ध्यान में रखकर संतुलित बजट पेश किया गया है।
प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
भाजपा नेता हैप्पी खेड़ी ने कहा कि यह बजट प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में की गई नई घोषणाएं दूरगामी प्रभाव डालेंगी। नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का प्रावधान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़कों, परिवहन और शहरी परियोजनाओं से आमजन को सीधा लाभ मिलेगा। उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह बजट आत्मनिर्भर हरियाणा के संकल्प को आगे बढ़ाता है।
