सपा अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीते 10 सालों में प्रयागराज में 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। यह राशि यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़क, नदी, स्वास्थ्य की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दी गई। लेकिन आज भी गंगा का जल दूषित है, यमुना में सीधे नाले गिर रहे हैं। 60 हजार करोड़ खर्च होने के बाद भी जाम लग रहा है और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी के यहां रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल होने आए। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता की।
उन्होंने दावे के साथ कहा कि वर्ष 2027 में सपा व पीडीए की सरकार बनने जा रही है। बताया कि सपा ने तय किया है कि हर जिले का अलग मेनिफेस्टो बनाया जाएगा। कहा कि प्रयागराज में दस साल में 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ है लेकिन लूट और बेइमानी के कारण प्रयागराज का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यमुना में सीधे नाला मिल रहा है। एक तो उन्होंने आज ही प्रयागराज आते वक्त देखा, शहर के लोग तो हालात जानते हैं। यह राशि खर्च होने के बाद गंगा की दशा नहीं बदली। हाईकोर्ट और पुलिस की दशा में कोई बदलाव नहीं हुआ।
हम इतिहास बना सकते हैं, बिगाड़ नहीं सकते
सपा सरकार आने पर प्रयागराज का नाम फिर से इलाहाबाद किए जाने के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि प्रयागराज, इलाहाबाद, संगम और त्रिवेणी सब इतिहास है। हम इतिहास बना सकते हैं, बिगाड़ नहीं सकते। भूगोल बदल सकता है, इतिहास नहीं। उन्होंने कहा कि इलाहाबादी अमरूद आज भी इलाहाबादी अमरूद है, अभी प्रयागराज अमरूद नहीं बन सका है। अविमुक्तेश्वरानंद को कोर्ट से जमानत दिए जाने पर उन्होंने कहा कि हमें कोर्ट का धन्यावाद देना चाहिए। कोर्ट से शंकराचार्य और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को न्याय मिला। लेकिन हमें सावधान रहना चाहिए। क्योंकि भाजपा सरकार अपने खिलाफ बोलने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाती है। यह भी कहा कि सपा सभी दुखी और अपमानित लोगों के साथ है, चाहे वह जिस भी समाज से हो। पूर्व मुख्यमंत्री के साथ लखनऊ से सपा नेता संदीप यादव यहां आए। जबकि यहां पर विधायक विजमा यादव, गीता शास्त्री, एमएलसी डॉ. मान सिंह, तहजीब अली रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल हुए।
आपस में टकरा रहे हैं इंजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम और डिप्टी सीएम पर निशाना साधा। कहा एक पूरब जा रहा है और एक पश्चिम। एक जापान जा रहा है और दूसरा जर्मनी। डिप्टी सीएम सीएम को हटा रहा है, इंजन टकरा रहा है। कहा कि हमारे वहां परंपरा विदाई के बाद घूमने जाने की है लेकिन सीएम और मंत्री विदाई से पहले विदेश घुमने चले गए। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को समाजवादी विचारधारा की जरूरत थी तो समाजवादी चिंतक जय प्रकाश नारायण की तस्वीर रखकर बात की। उनके पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तस्वीर दिखाकर बात की और आज जेपी एसोसिएट की सफाई हो रही है।
गले मिलने का त्योहार
यहां आकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री को धन्यवाद दिया। कहा कि हमारी संस्कृति रही है कि हम ईद में गले मिलते हैं और होली पर भी गले मिलते हैं। वो खुद और सपा के वरिष्ठ नेता इस आयोजन में शामिल होने के लिए आए हैं, क्योंकि खुशियों में शामिल होना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। सपा प्रमुख चौफटका स्थित कार्यालय गए। जबकि सलीम शेरवानी के आवास पर भोजन करने बाद में आए। इस दौरान कांग्रेस से पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी, किशोर वार्ष्णेय, हरिकेश त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
छोटे कारोबारियों को खत्म कर देना चाहती है भाजपा: अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के विरुद्ध एक व्यापारी के परिवार का ये आक्रोशित कथन कि ‘ये हम नहीं हमारी लाशें खड़ी हैं।’ भाजपा नीतियों के खिलाफ है। दरअसल अब समाज का हर वर्ग यह समझने लगा है कि भाजपा केवल चंद अरबपतियों और विशाल कारपोरेट घरानों की हितैषी है और छोटे कारोबारियों को खत्म कर देना चाहती है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा इसके लिए बहाना ये बनाती है कि छोटे व्यापारी या दुकानदार टैक्स चोरी करते हैं। आज देशभर के व्यापारी संघ व भाजपा से एक सवाल कर रहे हैं कि ‘जब देश और दुनियाभर के ये बड़े-बड़े व्यापारी नहीं थे तो क्या देश को टैक्स नहीं मिलता था?’
उन्होंने आरोप लगाया कि सच सिर्फ इतना है कि भ्रष्ट भाजपाई सारा व्यापार कुछ ‘महा-मुनाफाखोरों’ के हाथों में दे देना चाहते हैं, जिससे उन्हें अरबों का राजनीतिक और व्यक्तिगत चंदा एकमुश्त मिल सके। उन्होंने कहा है कि ‘कुटिल भाजपाई चाल’ हर व्यापारी और उनके परिवार के लोग समझ गए हैं, क्योंकि काम-कारोबार खत्म होने से उनके पालन-पोषण, जीवन-यापन का सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कारोबार और नौकरी विरोधी गलत नीतियों की वजह से फैली बेकारी-बेरोजगारी के कारण बाजार में मंदी आ गई है और ट्रेड डील के बाद तो बंदी आ ही जाएगी। भाजपा राज में ‘मंदी’ और ‘बंदी’ के सिवा देश के कारोबार को कुछ और हासिल नहीं हुआ है।
