चंडीगढ़: देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, लेकिन हरियाणा के लिहाज से अधूरा सा रह गया. क्योंकि इस बार कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में हरियाणा की झांकी नहीं दिखी, जिससे प्रदेशवासियों में निराशा दिखी. पिछले चार वर्षों (2022 से 2025 तक) लगातार शामिल रहने के बाद हरियाणा की झांकी का सिलसिला इस साल टूट गया. रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित झांकी को अंतिम सूची में शामिल नहीं किया.
हड़प्पा सभ्यता पर आधारित थी हरियाणा की झांकी: हरियाणा सरकार ने इस बार झांकी का विषय हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी (प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख पुरातात्विक स्थल) को चुना था. राखीगढ़ी को हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में से एक माना जाता है और इस थीम के माध्यम से हरियाणा अपनी प्राचीन सभ्यतागत विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना चाहता था. हालांकि, विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया.
इन मानकों पर खरा उतरना जरूरी: रक्षा मंत्रालय के अनुसार, झांकियों का चयन रोटेशन सिस्टम, थीम की प्रासंगिकता, डिजाइन की गुणवत्ता, विजुअल प्रभाव और समग्र परेड की थीम से मेल खाने पर आधारित होता है.
इस बार गणतंत्र दिवस की थीम: इस साल की परेड की मुख्य थीम “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पर केंद्रित थी, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक विविधता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र की एकता को प्रमुखता दी गई. इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल हुईं. इसमें 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की. हरियाणा के अलावा दिल्ली, बिहार जैसे कुछ अन्य राज्यों की झांकियां भी इस बार नहीं चुनी गईं.
4 बार कर्तव्य पथ पर दिख चुकी हरियाणा की झांकी: हरियाणा की झांकी 2022 से 4 बार कर्तव्य पथ पर दिख चुकी है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक और विकास यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करती रही. 2022 से 2025 तक गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हरियाणा की झांकियों (tableaux) की थीम्स प्रदेश की खेल संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, परिवार पहचान और समृद्ध विकास पर फोकस करती रहीं हैं.
1. साल 2022 में हरियाणा की झांकी “Haryana Number One in Sports” (“Khelo Mai Number One- Haryana”) की थीम पर केंद्रित थी. इसमें टोक्यो ओलंपिक 2020 के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की लाइफ-साइज प्रतिमा, अन्य ओलंपियनों और हरियाणा की खेल नीतियों को हाइलाइट किया गया था. हरियाणा को खेलों में देश का सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य दिखाया गया.
2. साल 2023 में हरियाणा का झांकी “International Gita Mahotsav” पर फोकस थी. इसमें कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश दिखाया गया, साथ ही युद्ध के दृश्य और गीता के वैश्विक संदेश को दर्शाया. ये अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को प्रमोट करने वाली थीम थी.
3. साल 2024 में हरियाणा की झांकी की थीम “Mera Parivar – Meri Pehchan” थी. ये हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर आधारित थी, जिसमें परिवार पहचान पत्र (Family ID) के माध्यम से सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सेवाओं को एकीकृत रूप से दिखाया गया. झांकी में परिवार की एकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर था.
4. साल 2025 में हरियाणा की झांकी की थीम “Samridh Haryana: Virasat Aur Vikas” (समृद्ध हरियाणा: विरासत और विकास) रही. इसमें भगवद्गीता का संदेश (कुरुक्षेत्र), सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला, खेल उपलब्धियां, किसानों की डिजिटल प्रगति (लैपटॉप पर काम), महिला सशक्तिकरण और प्रदेश की आधुनिक विकास यात्रा को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया. ये ओवरऑल परेड थीम “Swarnim Bharat: Virasat Aur Vikas” से मेल खाती थी.
राखीगढ़ी की थीम को नहीं मिली मंजूरी: ये सभी झांकियां हरियाणा की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आधुनिक प्रगति को राष्ट्रीय मंच पर शानदार तरीके से पेश करती रहीं. 2022 से 2025 तक लगातार 4 साल शामिल होने के बाद 2026 में राखीगढ़ी थीम को मंजूरी ना मिलने से ब्रेक लगा.
