गोवा/नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो दिवसीय केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक गोवा के जांबावली स्थित श्री दामोदर संस्थान में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
बैठक में देशभर से आए 106 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, समाज, संगठन, पर्यावरण, संस्कृति, खेल एवं सेवा से जुड़े विषयों पर व्यापक मंथन करते हुए आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।
बैठक में वर्तमान शैक्षिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों की समीक्षा के साथ संगठनात्मक विचार बैठक–2026, 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन (2025–26) तथा विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई। शैक्षिक परिसरों में अनियमितताओं, अनैतिक शुल्क वृद्धि और छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
अभाविप आगामी फरवरी माह से राष्ट्रव्यापी ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’ संचालित करेगी, जिसके माध्यम से छात्रावासों की जमीनी स्थिति को सामने लाकर नीतिगत सुधार के लिए ठोस हस्तक्षेप किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’ अभियान के जरिए युवाओं को डिजिटल लत से बाहर निकालकर खेल, समाजसेवा एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक संगठनात्मक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई है। उन्होंने कहा कि अभाविप की कार्यपद्धति संगठनकर्ता से राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले जागरूक नागरिक तैयार करने की रही है।
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि बैठक में गत महीनों में संपन्न अभियानों की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रावास सर्वेक्षण अभियान और स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम अभियान युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में संघ शताब्दी वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, महारानी अब्बक्का के 500वें राज्यारोहण वर्ष, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस, वंदे मातरम् के 150 वर्ष, हल्दी घाटी युद्ध के 450 वर्ष, सरदार पटेल सार्धशती वर्ष, भूपेन हजारिका जन्मशती वर्ष एवं एकात्म मानव दर्शन के 60 वर्ष सहित अन्य ऐतिहासिक अवसरों पर वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तय की गई।
अभाविप की यह केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक शिक्षा, संस्कृति, समाज और राष्ट्रनिर्माण को सशक्त आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
