शिमला। प्रदेश शिक्षा विभाग ने शून्य दाखिले वाले 39 स्कूलों को बंद ( डी नोटिफाई ) कर दिया है। इन स्कूलों में विधायर्थियों की संख्या शून्य थी। कोई भी दाखिला न होने के चलते इन्हें बंद किया गया है। इसमें 36 प्राइमरी व 3 मिडल स्कूल हैं।
मौजूदा शैक्षणिक सत्र में दाखिलों की रिपोर्ट आने के बाद ये निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अन्य स्कूलों में तैनाती दी जाएगी जहां शिक्षकों के पद खाली है। राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को स्कूलों को मर्ज व बंद करने का निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों में एक भी विद्यार्थी नहीं था। इन स्कूलों में शिक्षक सेवाएं दे रहे थे। ज्यादातर में एक-एक शिक्षक थे, जबकि कई स्कूल ऐसे भी थे जिसमें दो से तीन शिक्षक थे
तीन साल में 1250 स्कूल हो चुके मर्ज व बंद
तीन साल में 1250 स्कूलों को बंद व मर्ज किए जा चुका है जबकि कुछ का दर्जा घटाया गया है। कुल 1352 स्कूलों को बंद, मर्ज व दर्जा घटाया गया है। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। वर्ष 2003-04 में कक्षा एक से आठ तक सरकारी स्कूलों में 9,71,303 विद्यार्थी पंजीकृत थे। मौजूदा वर्ष तक यह संख्या कम होकर 4,29,070 ही रह गई है। यानी 5,42,233 विद्यार्थी कम हुए हैं।
