हरियाणा सरकार ने प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने राज्य के छह सरकारी कॉलेजों में नए स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स शुरू करने तथा 21 कॉलेजों में नए विषयों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। ये सभी कोर्स और विषय शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किए जाएंगे।
उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा 19 जून को जारी आदेशों के अनुसार विद्यार्थियों की मांग, बदलती शैक्षणिक जरूरतों और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि नए कोर्स शुरू होने से युवाओं को अपने ही जिलों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उन्हें अन्य शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
सबसे अधिक लाभ पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज को मिला है, जहां चार नए ऑनर्स कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनमें बीए इंग्लिश (ऑनर्स), बीए ज्योग्राफी (ऑनर्स), बीए एप्लाइड साइकोलॉजी (ऑनर्स) और बीएससी फिजिक्स (ऑनर्स) शामिल हैं। प्रत्येक कोर्स में 80 सीटें निर्धारित की गई हैं।
इसके अलावा भिवानी के लोहारू सरकारी कॉलेज में एमएससी केमिस्ट्री तथा राजकीय महिला महाविद्यालय बेहल में एमएससी मैथमेटिक्स शुरू की जाएगी। झज्जर के दुबलधन कॉलेज में बीएससी फिजिकल साइंस और बादली कॉलेज में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस का नया कोर्स शुरू होगा। वहीं सोनीपत के गोहाना स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में पीजीडीसीए और एमएससी केमिस्ट्री की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने कई कॉलेजों में नए विषयों को भी मंजूरी दी है। करनाल के जीसीडब्ल्यू पाढ़ा में संस्कृत विषय और सोनीपत के खरखौदा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में मनोविज्ञान विषय को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही प्रदेश के कई प्रमुख सरकारी कॉलेजों में बीएससी फिजिकल साइंस के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स विषय को शामिल करने की अनुमति दी गई है। इनमें अंबाला कैंट, भिवानी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जींद, झज्जर, कैथल, करनाल, नारनौल, पंचकूला, रोहतक और सिरसा के कॉलेज शामिल हैं।
विभाग ने बायोटेक्नोलॉजी शिक्षा को भी बढ़ावा दिया है। हिसार के आदमपुर और करनाल के मटक माजरी कॉलेज में बायोटेक्नोलॉजी विषय को मंजूरी दी गई है। वहीं फरीदाबाद के तिगांव और खेड़ी गुजरान कॉलेजों में बीएससी लाइफ साइंस के साथ बायोटेक्नोलॉजी संयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन नए कोर्सों में 20 से कम विद्यार्थियों का दाखिला होगा, उन्हें संबंधित विश्वविद्यालय की अनुमति के बाद बंद किया जा सकता है। साथ ही कॉलेजों को एआईसीटीई, विश्वविद्यालय और अन्य सक्षम प्राधिकरणों से सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग सितंबर 2026 में दाखिलों की स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके आधार पर इन कार्यक्रमों की उपयोगिता और भविष्य की योजना तय की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि नए कोर्स और विषय शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उच्चतर शिक्षा विभाग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनोज भांबू ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में लिया गया है और युवाओं को इन नए कोर्सों में अधिक से अधिक आवेदन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैथल जिले को भी इस सत्र में दो नए कोर्स और एक नया विषय प्राप्त हुआ है, जिससे छात्रों को लाभ मिलेगा।
