लखनऊ: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस हाईप्रोफाइल कार्यक्रम में शामिल कॉरपोरेट जगत के कप्तानों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए वर्तमान में भारत का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य बताया. कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट जैसी ग्लोबल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की जमकर सराहना की.
उन्होंने एक सुर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, कोर टेक्नोलॉजी और सुशासन के क्षेत्र में बेहद तेज प्रगति की है.
निवेशकों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश: राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के बड़े निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है. इसी कड़ी में रियल एस्टेट और बिजनेस पार्क क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को आधुनिक भारत की सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ स्टोरीज में से एक बताया है. उन्होंने मंच से कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ एक बड़ा राज्य नहीं है, बल्कि यह व्यापकता, महत्वाकांक्षा, युवा प्रतिभा, उद्यमशीलता और नए भारत की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है. अमित शेट्टी ने आगे जोड़ा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक विस्तार के अगले चरण में आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश इसमें सबसे अग्रणी भूमिका निभाएगा.
नोएडा और लखनऊ बने ग्लोबल हब: उत्तर प्रदेश की नीतियां ही यह तय करेंगी कि देश में निवेश कहां आएगा, नए रोजगार कहां सृजित होंगे और भविष्य के मॉडर्न बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कहां विकसित होंगे. अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ पुराने महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार नए कॉरिडोर और उद्यम केंद्रों तक हो रहा है. ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश की अगली सबसे बड़ी मंजिल बनकर वैश्विक पटल पर मजबूती से उभर रहा है. उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और राजधानी लखनऊ तेजी से निवेश के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं.
जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे का फायदा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही NCR के भीतर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी, आईटी और ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में अपनी धाक जमा चुके हैं. उत्तर प्रदेश के मजबूत एक्सप्रेसवे, विस्तृत मेट्रो कनेक्टिविटी, देश की राजधानी दिल्ली से निकटता और आगामी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र को वैश्विक कंपनियों के लिए और अधिक आकर्षक बना रहे हैं. अमित शेट्टी ने लखनऊ को लेकर कहा कि यह नवाबों का शहर अब केवल अपनी समृद्ध संस्कृति और प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है. बल्कि लखनऊ अब एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में भी बहुत तेजी से विकसित हो रहा है.
आईबीएम का योगी सरकार की नीतियों पर भरोसा: लखनऊ के बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संगठित रिटेल, तेजी से बढ़ती सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस ने इस शहर को पूरी दुनिया में एक नई पहचान दी है. वहीं, आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक माहौल (बिजनेस एनवायरनमेंट) में बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए एक बेहद भरोसेमंद गंतव्य बन गया है. तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल, सेक्टर-विशिष्ट नीतियां और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता ने इसकी गंभीरता को साबित किया है.
यूपी की ताकत इसका युवा टैलेंट: राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क और कनेक्टिविटी में किए गए भारी निवेश भविष्य के आधुनिक उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं. तेजस्विनी राजवाड़े ने आंकड़ों के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी विशाल युवा आबादी और प्रतिभाशाली मानव संसाधन है. राज्य में तकनीकी युवाओं, इंजीनियर्स और कुशल स्नातकों की विशाल संख्या इसे भविष्य में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का अग्रणी वैश्विक केंद्र बनने की अद्भुत क्षमता देती है. तेजस्विनी ने कहा कि IBM के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि उत्तर प्रदेश केवल तकनीक को अपनाने वाला राज्य नहीं है.
लखनऊ में आईबीएम की नई सॉफ्टवेयर लैब: उत्तर प्रदेश आज पूरी दुनिया में नई तकनीकों को नया आकार देने में भी बेहद सक्रिय और अग्रगामी भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सुरक्षा, चौतरफा विकास और सुशासन पर दिया गया विशेष जोर निवेशकों के बीच भरोसे और अटूट विश्वास की मजबूत नींव बना रहा है. तेजस्विनी राजवाड़े ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में लखनऊ में ‘एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. इस ऐतिहासिक पहल को आगे बढ़ाते हुए आईबीएम ने अब लखनऊ में अपनी एक नई अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने की आधिकारिक घोषणा की है.
कॉग्निजेंट के नोएडा में 10,000 कर्मचारी: यह नई लैब मुख्य रूप से जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी जो आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनकर अगली पीढ़ी के समाधान विकसित करेगी. वहीं दूसरी ओर, कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के लिए आईटी हब बेंगलुरु को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कॉग्निजेंट कंपनी ने वर्ष 2015 में अपने संचालन की शुरुआत की थी. आज केवल नोएडा में ही कंपनी के 10,000 से अधिक आईटी पेशेवर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लगभग 10,000 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं.
जीसीसी नीति और एआई सिटी की तारीफ: गौरव हाजरा ने कहा कि योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां और प्रशासनिक तत्परता वैश्विक निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत दे रही हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और निवेश मित्र जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने यहाँ निवेश की जटिल प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाया है. गौरव हाजरा ने राज्य की जीसीसी नीति की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी और ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट बड़े निवेशकों के लिए वरदान है. उन्होंने लखनऊ में विकसित हो रही ‘एआई सिटी’ और ‘एआई प्रज्ञा’ जैसी पहलों को समयानुकूल बताते हुए कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एआई आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाएंगे.
