उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दुबग्गा इलाके में रविवार (30 अगस्त) शाम शारदा सहायक नहर से बीजेपी नेता और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (35) का शव बरामद हुआ. धीरेंद्र प्रताप सिंह के सिर के पिछले हिस्से और दाहिने सीने में गोली मारी गई थी. शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
धीरेंद्र प्रताप सिंह मूलरूप से उन्नाव के रहने वाले थे और लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में रहते थे. शुरुआती जांच में हत्या की वजह प्रॉपर्टी विवाद सामने आ रही है. पुलिस ने इस मामले में उनके ड्राइवर रवि तिवारी समेत एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है.
डीसीपी साउथ मो. मुस्ताक अली ने बताया कि ममता सिंह के द्वारा एक तहरीर दी गई थी जिसमें उनके द्वारा आरोप लगाया गया था कि उनके पति धीरेंद्र प्रताप सिंह अपने ही ड्राइवर और अन्य साथियों के साथ अपहरण कर लिया गया है, जैसे ही सूचना मिली तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया और इसके अनावरण के लिए 6 टीमों का गठन किया गया.
ड्राईवर पर हत्या का आरोप
सर्विलांस का सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से घटना के अनावरण के लिए टीम में लगी हुई थी और उसी दौरान जानकारी मिली कि जो इनका ड्राइवर है उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेंद्र प्रताप की हत्या कर दी गई है. बॉडी रिकवर कर लिया गया है. और जिस गाड़ी में उनकी हत्या की गई है उस गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है.
इसमें जो मुख्य संदिग्ध दो व्यक्ति हैं ड्राइवर और एक अन्य उनको पुलिस हिरासत में लेकर के पूछताछ की जा रही है. अभी तक की विवेचना में यह जानकारी प्राप्त हुई है उन्नाव में एक जमीन है जिसको लेकर विवाद चल रहा था. पूछताछ में ड्राइवर रवि तिवारी ने हत्या की बात कबूल की है. पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि पहले धीरेंद्र प्रताप सिंह को रुमाल सुंघाकर बेहोश किया गया. इसके बाद उनके दाहिने सीने में गोली मारी गई और फिर सिर के पिछले हिस्से में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
फॉर्च्यूनर से ले गए शव, नहर में फेंका
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हत्या के बाद शव को फॉर्च्यूनर कार से दुबग्गा इलाके में किसान पथ के किनारे सुनसान स्थान पर ले जाया गया. इसके बाद सड़क से करीब 50 मीटर दूर शारदा सहायक नहर में शव फेंक दिया गया. शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है और हत्या में इस्तेमाल हथियार, कार समेत अन्य सबूतों को कब्जे में लेकर पड़ताल की जा रही है.
हत्या के पीछे बड़ी साजिश तो नहीं?
फिलहाल पुलिस हत्या की पूरी वजह पता लगाने में जुटी है. शुरुआती तौर पर प्रॉपर्टी विवाद को वारदात की वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और क्या ड्राइवर ने अकेले ही हत्या को अंजाम दिया या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे.
